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स्विफ्ट के अलावा नासा के कौन-कौन से टेलिस्कोप अभी अंतरिक्ष में कर रहे हैं काम?
अंतरिक्ष में नासा के कई टेलिस्कोप अभी काम कर रहे हैं

स्विफ्ट के अलावा नासा के कौन-कौन से टेलिस्कोप अभी अंतरिक्ष में कर रहे हैं काम?

Jul 01, 2026
09:23 pm

क्या है खबर?

नासा ने अपने नील गेहरल्स स्विफ्ट वेधशाला को पृथ्वी पर गिरने से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण मिशन लॉन्च करने वाली है। इस मिशन का उद्देश्य स्विफ्ट की कक्षा को ऊंचा उठाकर उसकी उम्र कई साल बढ़ाना है। स्विफ्ट पिछले 20 साल से अंतरिक्ष में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारियां जुटा रहा है। हालांकि, स्विफ्ट अकेला ऐसा स्पेस टेलीस्कोप नहीं है। आइए जानते हैं इस समय नासा के कौन-कौन से स्पेस टेलीस्कोप अंतरिक्ष में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

जेम्स वेब

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप को 25 दिसंबर, 2021 को लॉन्च किया गया था। इसे अब तक का सबसे शक्तिशाली स्पेस टेलीस्कोप माना जाता है। इसका मुख्य काम ब्रह्मांड की शुरुआती आकाशगंगाओं, तारों और दूर मौजूद ग्रहों का अध्ययन करना है। यह इन्फ्रारेड तकनीक की मदद से ऐसी चीजों की तस्वीरें भेजता है, जिन्हें दूसरे टेलिस्कोप आसानी से नहीं देख पाते। इसकी मदद से कई नई आकाशगंगाओं और एक्सोप्लैनेट से जुड़ी अहम जानकारियां मिल चुकी हैं।

हबल

हबल स्पेस टेलीस्कोप

हबल स्पेस टेलीस्कोप को 24 अप्रैल, 1990 को लॉन्च किया गया था। तीन दशक से ज्यादा समय बीतने के बाद भी यह लगातार काम कर रहा है। हबल ने लाखों तस्वीरें भेजकर ब्रह्मांड को समझने में वैज्ञानिकों की बड़ी मदद की है। इसकी मदद से नई आकाशगंगाओं, नीहारिकाओं, तारों और ग्रहों पर कई महत्वपूर्ण खोजें हुई हैं। आज भी यह दूसरे स्पेस टेलीस्कोप के साथ मिलकर अंतरिक्ष से जुड़ी नई जानकारियां जुटा रहा है।

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चंद्रा

चंद्रा एक्स-रे वेधशाला

चंद्रा एक्स-रे वेधशाला को 23 जुलाई, 1999 को लॉन्च किया गया था। यह एक्स-रे किरणों की मदद से अंतरिक्ष में होने वाली बेहद ऊर्जावान घटनाओं का अध्ययन करती है। इसकी सहायता से ब्लैक होल, न्यूट्रॉन तारे, सुपरनोवा विस्फोट और गर्म गैसों के बारे में अहम जानकारी मिली है। यह आज भी पूरी तरह सक्रिय है और वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के कई अनसुलझे रहस्यों को समझने में लगातार मदद कर रही है।

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TESS

ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (TESS)

ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (TESS) को 18 अप्रैल, 2018 को लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य काम हमारे सौरमंडल के बाहर मौजूद ग्रहों यानी एक्सोप्लैनेट की खोज करना है। यह उन ग्रहों की पहचान करता है, जो अपने तारों के सामने से गुजरते हैं। अब तक यह हजारों संभावित एक्सोप्लैनेट खोज चुका है। इसकी खोजों से वैज्ञानिकों को पृथ्वी जैसे दूसरे ग्रहों और वहां जीवन की संभावनाओं का अध्ययन करने में मदद मिल रही है।

IXPE

इमेजिंग एक्स-रे पोलरिमीट्री एक्सप्लोरर (IXPE)

इमेजिंग एक्स-रे पोलरिमीट्री एक्सप्लोरर (IXPE) को 9 दिसंबर, 2021 को लॉन्च किया गया था। यह एक्स-रे प्रकाश की दिशा और विशेषताओं का अध्ययन करने वाला खास स्पेस टेलीस्कोप है। इसकी मदद से ब्लैक होल, न्यूट्रॉन तारे और दूसरी अत्यधिक ऊर्जा वाली अंतरिक्षीय घटनाओं को बेहतर ढंग से समझा जा रहा है। यह लगातार नई वैज्ञानिक जानकारियां जुटा रहा है और ब्रह्मांड के कई महत्वपूर्ण रहस्यों से पर्दा उठाने में वैज्ञानिकों की मदद कर रहा है।

वेधशाला

नील गेहरल्स स्विफ्ट वेधशाला

नील गेहरल्स स्विफ्ट वेधशाला को 20 नवंबर, 2004 को लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य गामा-रे बर्स्ट जैसी बेहद शक्तिशाली अंतरिक्षीय घटनाओं का तुरंत पता लगाना और उनका अध्ययन करना है। यह ब्लैक होल, सुपरनोवा और दूसरी ऊर्जावान घटनाओं पर भी लगातार नजर रखता है। हाल ही में इसकी कक्षा नीचे आने लगी थी, इसलिए नासा ने इसकी वैज्ञानिक सेवाएं जारी रखने के लिए विशेष रेस्क्यू मिशन लॉन्च किया है।

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