व्हाट्सऐप के मैसेज गोपनीय नहीं होने का आरोप, मेटा के खिलाफ मुकदमा दायर
क्या है खबर?
यूजर्स के एक अंतरराष्ट्रीय समूह ने मेटा पर मुकदमा दायर किया है, जिसमें कंपनी पर व्हाट्सऐप मैसेज की गोपनीयता के बारे में गुमराह करने और चैट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होने का झूठा दावा करने का आरोप लगाया है। ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, भारत, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के इस समूह का आरोप है कि कंपनी के कर्मचारी इन मैसेज को पढ़ सकते हैं। दूसरी तरफ इंस्टग्राम, फेसबुक की मूल कंपनी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए मुकदमे को निराधार बताया है।
आरोप
शिकायतकर्ताओं ने लगाया यह आरोप
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सैन फ्रांसिस्को स्थित अमेरिकी जिला न्यायालय में दायर किए गए मुकदमे में याचिकाकर्ताओं के समूह ने मेटा के निजता संबंधी दावों को झूठा बताया है। इस दावे को चुनौती दी है कि व्हाट्सऐप मैसेज एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन द्वारा सुरक्षित हैं और कंपनी भी उन तक नहीं पहुंच सकती है। शिकायत के अनुसार, मेटा और व्हाट्सऐप कथित तौर पर निजी माने जाने वाले लगभग सभी यूजर्स के मैसेज को सेव, विश्लेषण और उन तक पहुंच सकती हैं।
दावा
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन है कंपनी का प्रमुख फीचर
मेटा ने व्हाट्सऐप की विशेषताओं में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को प्रमुखता दी है। यह एक ऐसा एन्क्रिप्शन प्रदान करता है, जिसके तहत मैसेज केवल भेजने वाले और प्राप्तकर्ता को ही दिखाई देता है। इसे कंपनी नहीं देख सकती। साेशल मीडिया प्लेटफॉर्म का कहना है कि इस तरह की एन्क्रिप्टेड चैट डिफॉल्ट रूप से चालू रहती है। इन-ऐप मैसेजिंग में लिखा होता है कि "इस चैट में मौजूद लोग ही मैसेज पढ़, सुन या शेयर कर सकते हैं।"