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क्या है व्हाट्सऐप मिररिंग स्कैम? जानिए इससे बचने का तरीका
व्हाट्सऐप मिररिंग स्कैम के जरिए लोगों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है (तस्वीर: फ्रीपिक)

क्या है व्हाट्सऐप मिररिंग स्कैम? जानिए इससे बचने का तरीका

Aug 16, 2025
12:58 pm

क्या है खबर?

देशभर में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले दिनों-दिन बढ़ते जा रहे हैं और जालसाज लाेगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके इजाद कर रहे हैं। अब स्क्रीन मिररिंग स्कैम के जरिए व्हाट्सऐप यूजर्स को निशाना बनाया जा रहा है। यह घोटाला भरोसे, तकनीक और जल्दबाजी का फायदा उठाकर अंजाम दिया जा रहा है, जिससे पीड़ित वित्तीय नुकसान के साथ डाटा चोरी के शिकार हो रहे हैं। आइए जानते हैं व्हाट्सऐप स्क्रीन मिररिंग धोखाधड़ी क्या है और इससे कैसे बचें।

झूठा दावा 

ऐसे की जाती है फंसाने की शुरुआत 

धोखेबाज खुद को किसी बैंक या वित्तीय कंपनी का कर्मचारी बताता है। वह आपके खाते में कोई समस्या होने का झूठा दावा करता है और आपको अपनी स्क्रीन उनके साथ शेयर करने के लिए तैयार कर लेता है। इसके लिए रिमोट एक्सेस या स्क्रीन मिररिंग ऐप इंस्टॉल करने के लिए कहा जाता है। एक बार इंस्टॉल हो जाने पर रिमोट एक्सेस ऐप्स धोखेबाजों को पीड़ित की स्क्रीन पर मौजूद हर चीज का रीयल-टाइम व्यू देते हैं।

निगाह 

हर गतिविधि पर रहती है धोखेबाजों की नजर

धोखेबाज फिर चालाकी से दावा करता है कि वे आपकी स्क्रीन को ठीक से नहीं देख सकते हैं और अब उन्हें आपके साथ व्हाट्सऐप वीडियो कॉल शुरू करने की आवश्यकता है। जब आप स्क्रीन-शेयरिंग ऐप इस्तेमाल कर रहे होते हैं, तब वे आपकी स्क्रीन लाइव देख सकते हैं। वे किसी भी बैंकिंग लेनदेन को सत्यापन के लिए कहते हैं और जैसे ही आपको OTP मिलेगा या लेनदेन मंजूर करने के लिए पिन/पासवर्ड डालेंगे तो यह उन्हें पता चल जाएगा।

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अन्य तरीका 

इस तरह भी की जाती है ठगी

साइबर ठग आपके मोबाइल डिवाइस में कीलॉगर या कीबोर्ड लॉगर इंस्टॉल करके इस वैकल्पिक तरीके का इस्तेमाल कर सकता है। कीबोर्ड लॉगर एक प्रकार का सॉफ्टवेयर है, जो वर्चुअल कीबोर्ड पर आपके द्वारा टाइप की गई चीजों पर नजर रखता है। यही कारण है कि कई बैंकिंग वेबसाइट्स आपके लिए ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड उपलब्ध कराती हैं, क्योंकि कीलॉगर उस ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड से आपके द्वारा टाइप की गई जानकारी को रिकॉर्ड नहीं कर पाता।

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बचाव 

इस तरह करें ठगी से बचाव 

जालसाज आपके बैंकिंग पासवर्ड, सोशल मीडिया पासवर्ड चुराकर अनाधिकृत लेनदेन, बैंकिंग खातों से छेड़छाड़ और पहचान संबंधी धोखाधड़ी कर सकता है। इससे बचने के लिए बैंक या वित्तीय कंपनियों से आने वाले कॉल की प्रामाणिकता सत्यापित करें और संदिग्ध कॉल का जवाब देने से बचें। अत्यंत आवश्यक और विश्वसनीय संपर्कों के साथ ही स्क्रीन-शेयरिंग करें और इस दौरान बैंकिंग ऐप का इस्तेमाल न करें। संदिग्ध नंबरों को तुरंत ब्लॉक करें और cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर कॉल करें।

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