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क्या है सर्वम AI, जिसने गूगल जेमिनी और ChatGPT को पीछे छोड़ा?
AI के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है

क्या है सर्वम AI, जिसने गूगल जेमिनी और ChatGPT को पीछे छोड़ा?

Feb 09, 2026
09:36 am

क्या है खबर?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां काम करने वाली AI स्टार्टअप और कंपनियां अपने मॉडल और प्रोडक्ट्स से दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों को सीधी चुनौती दे रही हैं। बेंगलुरु की कंपनी सर्वम AI ने हाल ही में कुछ खास टेस्ट और बेंचमार्क में गूगल के जेमिनी और OpenAI के ChatGPT जैसे ग्लोबल मॉडल्स को पीछे छोड़कर सबका ध्यान खींचा है। यह भारत के AI इकोसिस्टम के लिए एक अहम संकेत है।

सर्वम AI

क्या है सर्वम AI?

सर्वम AI की शुरुआत साल 2023 में डॉ. विवेक राघवन और डॉ. प्रत्यूष कुमार ने की थी। कंपनी का फोकस ऐसे AI मॉडल बनाना है जो खासतौर पर भारतीय भाषाओं, लोकल जरूरतों और सीमित इंटरनेट बैंडविड्थ में भी अच्छे से काम कर सकें। सर्वम बड़े और भारी क्लाउड मॉडल्स के बजाय छोटे, कॉम्पैक्ट और एफिशिएंट भाषा, वॉयस और विजन मॉडल तैयार करती है, जिन्हें मोबाइल, कॉल सिस्टम और स्थानीय ऐप्स में आसानी से इस्तेमाल किया जा सके।

मुकाबला

किन मामलों में आगे निकली सर्वम AI?

सर्वम AI के कुछ हालिया मॉडल्स, जैसे बुलबुल V3 (टेक्स्ट-टू-स्पीच) और विजन (OCR/विजन टूल), को जब खास भारतीय भाषाई टेस्ट में परखा गया तो इनके नतीजे काफी बेहतर देखने को मिले। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन मॉडल्स ने टेलीफोनी ऑडियो, नंबर, नाम और कोड-मिक्स्ड भारतीय भाषाओं को समझने में गूगल और OpenAI के जनरल मॉडल्स से कम एरर दिखाई। हालांकि, ये जीत किसी विशेष टास्क का नहीं है, लेकिन काफी अहम मानी जा रही हैं।

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खासियत

यूजर्स और देश के लिए क्यों खास?

सर्वम AI की सबसे बड़ी खासियत इसका इंडिया-फर्स्ट अप्रोच है। इसके टूल्स सरकारी सेवाओं, कॉल सेंटर्स, टेलीकॉम, लोकल ऐप्स और पब्लिक सर्विसेज में सस्ते और असरदार वॉयस एजेंट और बेहतर OCR समाधान दे सकते हैं। कंपनी सॉवरेन AI को लेकर चल रही सरकारी बातचीत का भी हिस्सा है। आने वाले समय में अगर इंडिपेंडेंट टेस्टिंग में भी इसके नतीजे मजबूत रहते हैं, तो यह भारत को AI में और आगे ले जा सकता है।

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