क्या है चीन का एक वर्षीय मानव अंतरिक्ष मिशन, जिसमें पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री होगा शामिल?
क्या है खबर?
चीन इस साल अपना पहला एक वर्षीय मानव अंतरिक्ष मिशन शुरू करने जा रहा है। इस मिशन के तहत तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर एक अंतरिक्ष यात्री पूरे एक साल तक रहेगा। खास बात यह है कि इस कार्यक्रम में एक पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री भी छोटे समय के लिए शामिल होगा। चीन की मानव अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि यह कदम लंबे मिशनों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
मिशन
क्या होगा इस मिशन में खास?
शेनझोउ-23 मिशन के तहत एक अंतरिक्ष यात्री तियांगोंग स्टेशन पर लगातार 12 महीने तक रहेगा। इसका उद्देश्य माइक्रोग्रैविटी में मानव शरीर पर पड़ने वाले असर का अध्ययन करना है। इससे लंबे अंतरिक्ष अभियानों के लिए जरूरी डाटा जुटाया जाएगा। चीन के इस महत्वपूर्ण मिशन में जीवन समर्थन प्रणाली, रेडिएशन सुरक्षा, मेडिकल मॉनिटरिंग और मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था की भी परीक्षा होगी, ताकि भविष्य के गहरे अंतरिक्ष अभियानों की तैयारी मजबूत की जा सके।
भागीदारी
पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री की भागीदारी
चीन ने पुष्टि की है कि एक पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री पेलोड स्पेशलिस्ट के रूप में तियांगोंग का छोटा दौरा करेगा। यह मिशन संभवतः 2026 के अंत में शेनझोउ-24 के जरिए होगा। वह कुछ दिनों तक स्टेशन पर प्रयोग और अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेगा। यह कदम चीन और पाकिस्तान के बीच अंतरिक्ष सहयोग समझौते के बाद उठाया गया है और इसे अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
तैयारी
चंद्र मिशन की भी तैयारी तेज
चीन ने 2030 से पहले इंसानों को चांद पर भेजने के अपने लक्ष्य को दोहराया है। एजेंसी के अनुसार, लूनर मिशन के लिए हार्डवेयर और रॉकेट सिस्टम का विकास जारी है। वेनचांग लॉन्च साइट पर सभी जरूरी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है। हाल ही में नए स्पेसक्राफ्ट और रॉकेट स्टेज का परीक्षण भी किया गया है। यह एक वर्षीय मिशन चीन की लंबी अंतरिक्ष रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।