क्या होता है कोल्ड वॉलेट और कैसे करता है काम?
क्या है खबर?
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के साथ उसकी सुरक्षा भी बड़ी चिंता रहती है। ऑनलाइन वॉलेट या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म इंटरनेट से जुड़े होने के कारण साइबर हमलों का निशाना बन सकते हैं। ऐसे में कोल्ड वॉलेट क्रिप्टोकरेंसी को सुरक्षित रखने का एक तरीका है। यह खासतौर पर आपकी प्राइवेट की को इंटरनेट से अलग रखने पर काम करता है। इससे हैकर्स के लिए सीधे आपकी क्रिप्टोकरेंसी तक पहुंच बनाना मुश्किल हो जाता है और कंट्रोल आपके पास रहता है।
कोल्ड वॉलेट
क्या होता है कोल्ड वॉलेट?
कोल्ड वॉलेट ऐसा क्रिप्टो वॉलेट है, जो सामान्य तौर पर इंटरनेट से कनेक्ट नहीं रहता।
इसमें आपकी क्रिप्टोकरेंसी सीधे स्टोर नहीं होती, बल्कि उसे इस्तेमाल करने वाली प्राइवेट की सुरक्षित रखी जाती है। हार्डवेयर वॉलेट कोल्ड वॉलेट का एक लोकप्रिय रूप है, जो एक अलग डिवाइस जैसा दिखता है।
इंटरनेट से अलग रहने के कारण फोन या कंप्यूटर में मौजूद वायरस के लिए इसकी प्राइवेट की तक पहुंच बनाना आसान नहीं होता।
काम
कोल्ड वॉलेट कैसे करता है काम?
जब आप क्रिप्टोकरेंसी भेजना चाहते हैं, तो पहले फोन या कंप्यूटर में मौजूद ऐप से ट्रांजैक्शन तैयार किया जाता है।
इसमें रकम और जिस पते पर क्रिप्टो भेजनी है, उसकी जानकारी शामिल होती है। इसके बाद यह जानकारी हार्डवेयर वॉलेट तक भेजी जाती है। डिवाइस की स्क्रीन पर पूरी जानकारी दिखाई जाती है।
यूजर खुद जांच करके अनुमति देता है, जिसके बाद वॉलेट अपनी प्राइवेट की का इस्तेमाल करके ट्रांजैक्शन को साइन करता है।
अन्य
साइन होने के बाद क्या होता है?
ट्रांजैक्शन साइन होने के बाद हार्डवेयर वॉलेट प्राइवेट की को बाहर भेजे बिना केवल साइन किया हुआ डाटा फोन या कंप्यूटर के ऐप को देता है।
इसके बाद ऐप इस डाटा को ब्लॉकचेन नेटवर्क पर भेज देता है और ट्रांजैक्शन पूरा हो जाता है। वॉलेट खो जाने या चोरी होने की स्थिति में पिन जैसी सुरक्षा मदद करती है।
हालांकि, बैकअप में मिलने वाली 12 या 24 शब्दों की रिकवरी जानकारी को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।