विदेशी AI पर निर्भरता से भारत के डिजिटल उपनिवेश बनने का खतरा, सर्वम AI ने चेताया
सर्वम AI के सह संस्थापक विवेक राघवन ने भारत को आगाह किया है कि विदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर ज्यादा निर्भरता ठीक नहीं।
उन्होंने चिंता जताई है कि इससे देश 'डिजिटल उपनिवेश' (डिजिटल गुलाम) बन सकता है, जहां बाहर की बड़ी टेक कंपनियां ही सब कुछ नियंत्रित करेंगी।
राघवन ने भारत से अपने खुद के AI टूल बनाने का आग्रह किया। उन्होंने वैश्विक कंपनियों पर भी सवाल उठाए, जो अपने एडवांस मॉडल मुफ्त में दे रही हैं क्योंकि उनका मानना है कि इससे स्थानीय नवाचार को नुकसान हो रहा है।
सर्वम बना रही बहुभाषी देसी AI
सर्वम AI भारत की कई भाषाओं में काम करने वाली अपनी देसी टेक्नोलॉजी बना रहा है। फिलहाल, उनके वॉयस एजेंट रोजाना करीब 25 से 30 लाख कॉल संभालते हैं।
कंपनी का एंड-टू-एंड वॉयस सिस्टम 12 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है और इसके कुछ मॉडल तो 22 भाषाओं तक का समर्थन करते हैं।
जून में कंपनी ने घोषणा की थी कि उसने अपने 30 करोड़ डॉलर (करीब 2850 करोड़ रुपये) के सीरीज-B फंडिंग राउंड के पहले चरण में 23.40 करोड़ डॉलर (करीब 2,200 करोड़ रुपये) जुटा लिए हैं।
इस राउंड में HCL टेक सबसे आगे रहा। कंपनी जल्द ही 1,000-अरब पैरामीटर वाला एक और बड़ा मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में है।
इसके साथ ही वे अपनी सस्ती टेक्नोलॉजी को भारत से बाहर अफ्रीका, मध्य पूर्व और एशिया जैसे क्षेत्रों तक भी पहुंचाना चाहते हैं।