छात्रा ने न्यूरोडाइवर्जेंट को नौकरी ढूंढने में मदद के लिए बनाया AI प्लेटफॉर्म
वर्जीनिया की एक हाई स्कूल की छात्रा ने 'राह' नाम का एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफार्म बनाया है, जो न्यूरोडाइवर्जेंट लोगों को उनके लिए सही नौकरी ढूंढने में मदद करेगा। ये ऐसे व्यक्ति होते हैं, जिनके मस्तिष्क की कार्यप्रणाली, सीखने, सोचने और जानकारी संसाधित करने का तरीका आम या औसत लोगों से भिन्न होता है।
इसके अलावा, छात्रा के स्कूल का वाई-फाई भले ही ChatGPT, क्लाउड और ऐसे ही दूसरे जनरेटिव AI टूल्स को ब्लॉक करता है, लेकिन इसके बावजूद वह 'राह' को शुरू करने में कामयाब रही। केवल 2 महीनों में उसने 1,000 से ज्यादा यूजर्स जोड़े और 20,000 जॉब लिस्टिंग्स को स्कैन किया है।
छात्रा को मां से मिली प्रेरणा
'राह' बनाने वाली छात्रा नव्या टुटेजा को अपनी मां की सुनने की परेशानी से प्रेरणा मिली। उन्होंने देखा कि नौकरी के विज्ञापनों में शायद ही कभी ऐसी बातें बताई जाती हैं, जो अलग-अलग जरूरतों वाले लोगों के लिए अहम होती हैं।
नव्या ने AI का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने इस प्रोजेक्ट के तकनीकी कामों के लिए किया, जिसमें वेबसाइट का डिजाइन तैयार करने में भी इसका इस्तेमाल किया।
उनका मानना है कि युवा उद्यमियों को AI का इस्तेमाल करते समय पूरी पारदर्शिता रखनी चाहिए।