AI से बने विज्ञापन इंसानों के बनाई रचनाओं को दे रहे टक्कर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बने विज्ञापन अब पारंपरिक विज्ञापनों को कई अहम पहलुओं में पीछे छोड़ रहे हैं। ग्लोबल एडवरटाइजिंग टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म वीडियो डॉट AI (VDO.AI) के डाटा के मुताबिक, कनेक्टेड टीवी पर AI वाले विज्ञापनों का वीडियो कंप्लीशन रेट 92 फीसदी रहा, जो मानव निर्मित विज्ञापनों के 90 फीसदी से बस थोड़ा ही आगे है।
इंटरनेट पर भी AI वाले वीडियो का कंप्लीशन रेट 71 फीसदी रहा, जबकि पारंपरिक वीडियो 70 फीसदी पर ही रह गए।
विज्ञापनों को बना रहे व्यक्तिगत
विशेषज्ञों का कहना है कि असली बात सटीकता की है। AI डाटा का तेजी से विश्लेषण करके अलग-अलग दर्शकों के लिए मैसेज तैयार कर सकता है। साथ ही जरूरत के हिसाब से भाषा और तस्वीरें भी बदल सकता है।
भारत जैसी जगहों पर जहां इतनी सारी भाषाएं बोली जाती हैं, यह सुविधा बहुत कारगर साबित होती है। नील्सन के वैश्विक मुख्य तकनीकी अधिकारी अनिल गोयल का कहना है कि AI विज्ञापनदाताओं को दर्शकों की गहरी जानकारी निकालने, मीडिया प्लानिंग को बेहतर बनाने, अभियानों को निजीकृत करने और मापन को अधिक प्रभावी बनाने में सक्षम बना रहा है।
दूसरी तरफ, रीबिड के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) राजीव डिंगरा का कहना है कि ई-कॉमर्स, फिनटेक, गेमिंग और D2C ब्रांड जैसे डिजिटल बिजनेस ने AI को और तेजी से अपनाया है।
AI विज्ञापनों को और स्मार्ट बना रहा है। हालांकि, इस बात पर मिली-जुली राय है कि यह क्रिएटिव टीमों की जगह ले रहा है या उनकी क्षमताओं को और बढ़ा रहा है।