उत्तर प्रदेश पुलिस ने किया व्हाट्सऐप पर चल रहे निवेश स्कैम का पर्दाफाश, ऐसे हुआ खुलासा
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश पुलिस ने 6 राज्यों से 12 लोगों को गिरफ्तार कर विदेशी संबंधों से जुड़े देशभर में निवेश स्कैम का पर्दाफाश किया है। आरोपियों को ओडिशा, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए राष्ट्रव्यापी साइबर निवेश रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अलीगढ़ साइबर क्राइम सेल ने लगभग 600 ऐसे ग्रुपों का पता लगाया, जिनका इस्तेमाल निवेशकों को लुभाने और धोखा देने के लिए किया जा रहा था।
सुरक्षा
1.5 लाख लोगों को ठगी से बचाया
पुलिस ने दावा किया कि समय पर की गई कार्रवाई से लगभग 500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को रोकी जा सकी, जिससे 1.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो सकते थे। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अमृत जैन ने बताया कि मामला तब सामने आया, जब पंजाब नेशनल बैंक के सेवानिवृत्त उप महाप्रबंधक दिनेश शर्मा ने साइबर क्राइम सेल से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि व्हाट्सऐप आधारित निवेश योजना से उनके साथ 11 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी हुई है।
धोखाधड़ी
ऐसे दिया गया था लालच
पुलिस के अनुसार, दिनेश शर्मा को हर सप्ताह 40 प्रतिशत तक के रिटर्न का लालच देकर फंसाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने रुचि नहीं ली थी, लेकिन पिछले साल 16 दिसंबर को देखने के लिए 5,000 रुपये का निवेश किया और उन्हें रिटर्न प्राप्त हुआ, जिससे उनका विश्वास बढ़ा। इसके बाद उन्हें अधिक निवेश करने के लिए राजी किया, जब पैसों की कमी बताकर इनकार किया तो जालसाजों ने उनके 11 लाख रुपये हड़प लिए।
जांच
विदेशी कनेक्शन का लगाया जा रहा पता
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम सेल ने शर्मा के हड़पे गए 5.64 लाख रुपये बरामद किए और इस प्रक्रिया में एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया। पुलिस ने बताया कि उन्होंने देशभर में व्हाट्सऐप ग्रुप के 500 से अधिक सदस्यों से संपर्क किया और उन्हें संदिग्ध धोखाधड़ी के बारे में चेतावनी दी, जिससे नुकसान टाला जा सका। अधिकारियों ने बताया कि अब CBI और इंटरपोल से विदेशी मास्टरमाइंड्स् का पता लगाने में सहायता मांग रही है।