सुपरनोवा के मलबे में टेलिस्कोप ने खोजे नए तारे और जीवन के रहस्य
हाल ही में खगोलविदों ने एक खास खोज की है। उन्होंने RX J1713.7-3946 नाम के 1,600 साल पुराने सुपरनोवा अवशेष के अंदर 2 गर्म कोर ढूंढ़ निकाले हैं।
ये गर्म कोर असल में नए तारे बनने की शुरुआती जगहें हैं। अटाकामा लार्ज मिलीमीटर/सबमिलीमीटर ऐरे (ALMA) टेलिस्कोप की मदद से उन्होंने इन जगहों को पहचाना है। इनका नाम HC1 और HC2 रखा गया है।
खास बात यह है कि इस जगह पर कई साल पहले एक बड़े तारे के फटने से भयंकर विस्फोट हुआ था, इसके बावजूद यहां नए तारे बन रहे हैं।
टीम को मिले जटिल अणु
निगाटा यूनिवर्सिटी के ताकाशी शिमोनिशी के नेतृत्व वाली रिसर्च टीम ने इन गर्म कोर में जटिल अणु खोजे हैं। ये अणु ठीक वैसे ही हैं जैसे अंतरिक्ष के शांत और सामान्य हिस्सों में पाए जाते हैं।
इस खोज का मतलब यह है कि तारे और ग्रह केवल शांत इलाकों में ही नहीं, बल्कि सुपरनोवा जैसे बड़े धमाके के बाद बने अशांत और मुश्किल भरे माहौल में भी बन सकते हैं। पहले हम ऐसा नहीं मानते थे।
यह खोज इस तरफ भी इशारा करती है कि पूरे ब्रह्मांड में जीवन के लिए जरूरी शुरुआती तत्व हमारी सोच से कहीं ज्यादा आम हो सकते हैं।