मेटा के किशोर के लिए किए सुरक्षा उपायों की पूर्व कर्मचारियों ने खोली पोल
इंस्टाग्राम और फेसबुक की मूल कंपनी मेटा पर अमेरिका के 29 राज्यों ने मुकदमा कर दिया है। उनका आरोप है कि कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म को ऐसे डिजाइन किया, जिससे किशोरों में सोशल मीडिया की लत लग गई।
इन राज्यों ने 200 अरब डॉलर (करीब 19,000 अरब रुपये) के भारी जुर्माने की मांग की है। उनका कहना है कि मेटा ने युवा यूजर्स के लिए मौजूद खतरों को कम करके बताया।
कैलिफोर्निया में चल रही यह सुनवाई अब अपने दूसरे सप्ताह में पहुंच चुकी है। सुनवाई के दौरान पता चला है कि इंस्टाग्राम के सेफ्टी फीचर्स का इस्तेमाल बहुत ही कम यूजर्स ने किया है। आंकड़ों के मुताबिक, केवल 1.8 फीसदी यूजर्स ने 'टेक ए ब्रेक' फीचर का और 8.7 फीसदी ने 'क्वाइट मोड' का इस्तेमाल किया।
जुकरबर्ग की हो सकती है गवाही
मेटा के पूर्व कर्मचारियों ने भी कंपनी की जमकर आलोचना की है। एक कर्मचारी ने तो 'टेक ए ब्रेक' फीचर को ऐसा बताया, जो असल में फेल होने के लिए ही डिजाइन किया गया था।
एक दूसरे कर्मचारी ने बताया कि कंपनी के शीर्ष प्रबंधन ने क्वाइट मोड को ऑटोमैटिक करने से इसलिए मना किया क्योंकि उन्हें डर था कि इससे यूजर्स की एंगेजमेंट कम हो जाएगी।
जल्द ही इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी और मेटा के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जुकरबर्ग दोनों गवाही देने वाले हैं। दूसरी ओर, मेटा ने इन सभी आरोपों से साफ इनकार किया है।