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सरकार ने ऐपल से कहा- आईपैड-मैकबुक असेंबली शुरू करने से पहले स्थानीय कंपोनेंट उत्पादन बढाएं
ऐपल भारत में मैकबुक और आईपैड का उत्पादन शुरू कर सकती है

सरकार ने ऐपल से कहा- आईपैड-मैकबुक असेंबली शुरू करने से पहले स्थानीय कंपोनेंट उत्पादन बढाएं

Aug 26, 2026
11:26 am

क्या है खबर?

भारत सरकार ऐपल और उसके सप्लायर्स को देश में मैकबुक, आईपैड और ऐपल वॉच की असेंबली बढ़ाने से पहले घरेलू इस्तेमाल और निर्यात के लिए स्थानीय कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को और बढ़ाने को कहा है। रणनीति यह है कि पहले भारत को ऐपल की वैश्विक सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बनाया जाए। इसके लिए ज्यादा पार्ट्स और सब-असेंबली बनाई जाएंगी, जिन्हें चीन और वियतनाम के मैन्युफैक्चरिंग हब में भेजा जा सकेगा, जहां उन्हें अंतिम उत्पादों में लगाया जाता है।

उम्मीद 

अंतिम उत्पादों का उत्पादन शुरू होने की उम्मीद  

सरकारी अधिकारियों को उम्मीद है कि इस स्थानीय पार्ट्स बेस की वजह से भारत में ऐपल के मौजूदा आईफोन और एयरपॉड्स मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस का दायरा बढ़ाना आसान हो जाएगा।

एक सरकारी अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया, "उम्मीद है कि पूरी प्रोडक्ट लाइन भारत आएगी। कुछ पार्ट्स पहले से ही यहां बन रहे हैं। निर्यात के लिए एनक्लोजर समेत मैकेनिकल पार्ट्स भी यहां बनाए जा रहे हैं। धीरे-धीरे अंतिम उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग भी भारत में शुरू हो जाएगी। यही उम्मीद है।"

फोकस 

सप्लायर इकोसिस्टम विकसित करने पर पूरा ध्यान

अधिकारी ने कहा कि फिलहाल, फोकस सप्लायर इकोसिस्टम को विकसित करने पर है, न कि इस बात पर कि ऐपल जल्द ही यहां प्रोडक्ट्स का निर्माण शुरू करेगी।

उन्होंने कहा कि फाइनल असेंबली का कोई भी विस्तार बाजार की वृद्धि, कंपनी की ग्लोबल सोर्सिंग रणनीति और चीन से बाहर मैन्युफैक्चरिंग में विविधता लाने के उसके प्रयासों पर निर्भर करेगा।

मुख्य फोकस एरिया मैकेनिकल पार्ट्स हैं, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले एनक्लोजर, केसिंग और दूसरे पार्ट्स शामिल हैं।

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संकेत 

मैकबुक और आईपैड बनाने के मिले संकेत

भारत में ऐपल की ओर से आईफोन के अलावा दूसरे उत्पादों का उत्पादन शुरू करने का संकेत पिछले सप्ताह केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिया था।

उन्होंने मीडिया को बताया कि कंपनी देश में केवल आईफोन बनाने से आगे बढ़ सकती है।

इससे संकेत मिलता है कि कंपनी मैकबुक और आईपैड जैसे उत्पादों के लिए भी अपनी स्थानीय मौजूदगी बढ़ा सकती है। इससे पहले सरकार चाहती है कि इनके कंपोनेंट देश में ही तैयार किए जाएं।

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