उच्च ग्लाइकए स्तर से 43 फीसदी बढ़ जाता है हृदय रोग का खतरा, अध्ययन में खुलासा
यूनाइटेड किंगडम (UK) में हुए एक अध्ययन में सामने आया है कि शरीर में ग्लाइकोप्रोटीन एसिटाइल्स (ग्लाइकए) का उच्च स्तर हृदय आघात (हार्ट अटैक) और स्ट्रोक (ब्रेन अटैक) का खतरा 43 फीसदी तक बढ़ा सकता है।
शोधकर्ताओं ने लगभग 4.8 लाख वयस्कों पर हुए शोध में पाया कि सूजन का संकेत देने वाला यह रक्त संकेत हृदय को शुरुआती और छिपे हुए नुकसान से बहुत गहराई से जुड़ा हुआ है।
उच्च ग्लाइकए हृदय पर दबाव का संकेत
जिन लोगों में ग्लाइकए का स्तर ज्यादा था, उनके हृदय की दीवारें मोटी और चैंबर छोटे पाए गए। ये इस बात का संकेत हैं कि उनका हृदय पहले से ही दबाव में काम कर रहा था।
अध्ययन के अनुसार, तनाव के कारण अक्सर लोग जिम छोड़ देते हैं, रात में ज्यादा खाना खाने लगते हैं या सिगरेट पीने की लत लग जाती है। लगातार तनाव में रहने से लोग उससे निपटने के लिए गलत तरीके अपनाने लगते हैं, जैसे ज्यादा खाना या धूम्रपान करना।
अध्ययन में यह भी बताया गया है कि हृदय की बीमारियों के बढ़ने में यही आदतें बड़ा भूमिका निभाती हैं।