रमेश पोवार बन सकते हैं BCCI की जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष- रिपोर्ट
क्या है खबर?
पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार अब एक नई भूमिका में नजर आ सकते हैं। खबरों के मुताबिक, उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष का पद मिल सकता है। दरअसल, BCCI नई जूनियर चयन पैनल बनाने जा रही है। पोवार अपने क्रिकेट करियर से संन्यास के बाद से कोचिंग करते हुए नजर आए हैं। ऐसे में वह नई जिम्मेदारी में दिख सकते हैं। आइए इस खबर पर एक नजर डालते हैं।
रिपोर्ट
BCCI ने मांगे थे 5 आवेदन
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पोवार के जूनियर चयन समिति के मुखिया बनने की प्रबल संभावना है। हालांकि, BCCI ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
बता दें कि BCCI ने 24 अगस्त, 2026 को जूनियर क्रिकेट समिति में 5 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे।
वह 2025-26 सीजन में गुजरात की सीनियर पुरुष टीम के प्रमुख कोच थे, लेकिन अब उन्होंने अपनी भूमिका छोड़ने का फैसला किया है।
जिम्मेदारी
क्या होते हैं जूनियर चयन समिति के काम?
अगर पोवार को जूनियर स्तर पर ये जिम्मेदारी मिलती है, तो उनकी कमेटी का काम अंडर-22 तक की एज-ग्रुप टीमें चुनना, कोचिंग कैंप आयोजित कराना, और जूनियर टूर्नामेंट का संचालन करना होगा।
वहीं, युवा खिलाड़ियों में ड्रग्स, सट्टेबाजी, मैच-फिक्सिंग के खिलाफ जागरूकता को बढ़ावा देना भी होगा।
पोवार नेशनल क्रिकेट एकेडमी में स्पिन-गेंदबाजी कोच के रूप में काम कर चुके हैं। जूनियर खिलाड़ियों को तलाशने और तैयार करने में ये अनुभव उनके काम आ सकता है।
पोवार
मुंबई की टीम के कोच रह चुके थे पोवार
पोवार ने भारत के लिए 2 टेस्ट में 6 विकेट लिए थे। वहीं 31 वनडे में 34 विकेट हासिल किए थे।
अपने क्रिकेटिंग करियर के बाद उन्होंने कोचिंग की ओर रूख किया था।
वह घरेलू क्रिकेट में मुंबई के कोच रह चुके थे।
उनके कार्यकाल में मुंबई ने विजय हजारे ट्रॉफी 2021 का खिताब जीता था। तब मुंबई ने पृथ्वी शॉ की कप्तानी में उत्तर प्रदेश को हराकर चौथी बार यह ट्रॉफी जीती थी।
महिला टीम
महिला टीम के प्रमुख कोच भी रह चुके थे पोवार
भारत की महिला टीम के मुख्य कोच के रूप में पोवार अपनी सेवाएं दे चुके थे।
पूर्व भारतीय स्पिनर ने मई 2021 में महिला टीम के मुख्य कोच के रूप में डब्ल्यूवी रमन से पदभार संभाला था।
उनके कार्यकाल में भारतीय महिला टीम 2022 में खेले गए वनडे विश्व कप में ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी थी।
भारतीय महिला टीम ने पवार के कार्यकाल के दौरान ही राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक हासिल किया था।