नकली आधार कार्ड की पहचान के लिए UIDAI ने पेश किया भारत ABIS
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) से जुड़े शोधकर्ताओं ने 'भारत ABIS' नाम का एक नया ओपन-सोर्स बायोमेट्रिक सिस्टम बनाया है।
इसका मकसद नकली आधार कार्ड बनने से रोकना है। यह टेक्नोलॉजी फिंगरप्रिंट, आइरिस और चेहरे के डाटा को केवल 13.5KB की छोटी-सी टेंपलेट में समेट लेती है। इससे नकली आधार कार्ड बनवाना अब कहीं ज्यादा मुश्किल हो जाएगा।
सिस्टम की गलती दर बहुत कम
'भारत ABIS' केवल सटीक ही नहीं है, बल्कि इसने UIDAI के अपने तय लक्ष्यों को भी पार कर लिया है। बड़े-बड़े डाटाबेस पर भी इसकी गलती दर (एरर रेट) बहुत कम है। यह सिस्टम हर सेकेंड 100 खोज (सर्च) संभाल सकता है।
साथ ही, 'डीपप्रिंट' मॉडल की वजह से यह उन लोगों के लिए भी अच्छे से काम करता है, जिनकी उंगलियों के निशान घिस गए हैं। अच्छी बात यह भी है कि यह ओपन-सोर्स है, इसलिए कम आबादी वाले दूसरे देश भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
इसकी जरूरत इसलिए ज्यादा महसूस हुई क्योंकि मई, 2022 तक करीब 6 लाख डुप्लीकेट आधार कार्ड की पहचान करके उन्हें रद्द किया जा चुका था।