बच्चों की सुरक्षा मामले में टिक-टॉक 10 करोड़ डॉलर में समझौता करने पर राजी
टिक-टॉक ने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े अपने फीचर्स के बारे में माता-पिता को सही जानकारी न देने के आरोप के बाद अलाबामा राज्य को कम से कम 10 करोड़ डॉलर (करीब 950 करोड़ रुपये) देने पर सहमति जताई है।
राज्य अब सोशल मीडिया कंपनियों को और ज्यादा जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं और यह समझौता उसी बड़ी पहल का एक हिस्सा है।
अलाबामा के अटॉर्नी जनरल स्टीव मार्शल ने इसे सोशल मीडिया की लत से बच्चों को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
किशोरों के लिए होंगी ये पाबंदियां
इस समझौते के एक हिस्से के तौर पर टिक-टॉक किशोरों के लिए कुछ नए नियम लागू करेगा। अब उनके लिए हर दिन स्क्रीन टाइम की सीमा 2 घंटे तय की जाएगी। ऐप रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रहेगा और स्कूल के घंटों के दौरान कोई नोटिफिकेशन नहीं दिखाई देगा।
प्लेटफॉर्म को उम्र की जांच को भी बेहतर करना होगा, किशोरों के लिए ब्यूटी फिल्टर हटाने होंगे और एक ऐसा फीड देना होगा, जो उनकी पसंद के हिसाब से न हो।
अगर, अलाबामा की तर्ज पर और भी राज्य ऐसा कदम उठाते हैं तो टिक-टॉक को और भी ज्यादा हर्जाना चुकाना पड़ सकता है। यह साफ दिखाता है कि इस समय सोशल प्लेटफॉर्म पर कितना दबाव है।