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मानव मस्तिष्क की कोशिकाओं से संचालित होते हैं ये डाटा सेंटर, चिप्स का नहीं किया इस्तेमाल
ये डाटा सेंटर चिप्स की बजाय मानव मस्तिष्क की कोशिकाओं से संचालित होते हैं

मानव मस्तिष्क की कोशिकाओं से संचालित होते हैं ये डाटा सेंटर, चिप्स का नहीं किया इस्तेमाल

Mar 10, 2026
03:57 pm

क्या है खबर?

ऑस्ट्रेलिया की बायोटेक स्टार्टअप कॉर्टिकल लैब्स एक नई तरह का डाटा सेंटर विकसित कर रहा है, जो पारंपरिक सिलिकॉन चिप्स के बजाय मानव मस्तिष्क कोशिकाओं द्वारा संचालित होगा। कंपनी ने मेलबर्न में अपना पहला जैविक डाटा सेंटर लॉन्च किया है और डेवन डाटा सेंटर्स लिमिटेड के साथ मिलकर सिंगापुर में दूसरे सेंटर पर काम कर रही है। इन सुविधाओं में पारंपरिक सर्वरों के बजाय CL1 यूनिट नामक जैविक कंप्यूटर होंगे, जो प्रयोगशाला में विकसित न्यूरॉन्स द्वारा संचालित होंगे।

समाधान 

कई समस्याओं का हुआ समाधान 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डाटा सेंटर्स के विकास से ऊर्जा खपत और जल उपयोग के साथ-साथ सिलिकॉन की कमी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। कोर्टिकल लैब्स की तकनीक इन समस्याओं का समाधान प्रदान कर सकती है। हालांकि, इसके सिस्टम की कंप्यूटिंग क्षमता अभी सीमित है। कंपनी ने अपने मस्तिष्क की कोशिकाओं को पोंग जैसे सरल गेम और डूम जैसे अधिक जटिल गेम खेलने का प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

तरीका 

कैसे काम करता है यह डाटा सेंटर?

कॉर्टिकल लैब्स के स्टेम सेल से विकसित न्यूरॉन्स एक चिप पर स्थित होते हैं, जो कोशिकाओं को विद्युत संकेत भेजता और प्राप्त करने के साथ उनकी प्रतिक्रियाओं को रिकॉर्ड करता है। इस तरह, कंपनी का सॉफ्टवेयर इन न्यूरॉन्स के साथ इंटरैक्ट कर सकता है और उनकी प्रतिक्रियाओं को कंप्यूटिंग आउटपुट के रूप में व्याख्या कर सकता है। यह तकनीक बहुत कम ऊर्जा का उपयोग करते हुए मस्तिष्क की सूचना को स्टोर और प्रोसेस करने का तरीका प्रदान करती है।

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