20 साल के छात्र ने पकड़ी AI से बनी फेक तस्वीरों की चाल
फ्रांस के 20 साल के छात्र थियोडोर काजल्स ने फेसबुक पर एक वायरल तस्वीर देखी। इसमें बारिश में कमजोर और भूखे बच्चे जन्मदिन का केक लिए नजर आ रहे थे।
थियोडोर ने तुरंत पहचान लिया कि यह तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गई है, यानि यह फर्जी है। इसका पर्दाफाश करने के बाद उन्होंने एक्स पर 'इंसैन AI स्लॉप' नाम से एक नया अकाउंट शुरू किया। इस अकाउंट का मकसद AI से बनी भ्रामक तस्वीरों को लोगों के सामने लाना और उनके बारे में जागरूक करना है।
1.33 लाख फॉलोअर्स का आंकड़ा पार
काजल्स का यह अकाउंट देखते ही देखते मशहूर हो गया और जल्द ही 1.33 लाख से भी ज्यादा लोग इससे जुड़ गए। उन्होंने एक ऐसा समुदाय तैयार किया है, जो खराब गुणवत्ता या लोगों को गुमराह करने वाले AI कंटेंट को पहचानने और उसकी शिकायत करने का काम करता है।
खास तौर पर ऐसे AI कंटेंट पर उनकी नजर रहती है, जो बच्चों को निशाना बनाते हैं या भावनाओं का इस्तेमाल करके लोगों को भ्रमित करते हैं।
उनकी ये कोशिशें अब एक बड़े अभियान का हिस्सा बन चुकी हैं। इस अभियान का मकसद लोगों को यह बताना है कि AI का इस्तेमाल करके ऑनलाइन कितनी आसानी से गलत जानकारी फैलाई जा सकती है।