ट्रंप प्रशासन ने लिया ओपन-वेट AI मॉडल्स की सुरक्षा अनिवार्य नहीं करने का फैसला
ट्रंप प्रशासन ने फैसला लिया है कि वह ओपन-वेट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल्स के लिए स्वैच्छिक सुरक्षा जांचों को अनिवार्य नहीं करेगा। ये ऐसे AI सिस्टम होते हैं, जिनके मुख्य घटक सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध होते हैं।
यह जानकारी व्हाइट हाउस में मेटा, गूगल, एनवीडिया, एंथ्रॉपिक और OpenAI के कर्मचारियों के साथ हुई एक बैठक के बाद सामने आई।
यह सब ऐसे समय में हो रहा है, जब AI सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। खासकर हाल में हुई कुछ घटनाओं के बाद, जहां कुछ एडवांस मॉडल्स ने दूसरी कंपनियों के सिस्टम में सेंध लगा दी थी।
सीनेटर कर रहे नए AI परीक्षण कानून की मांग
मेटा के लामा और एनवीडिया के नेमोट्रॉन जैसे ओपन-वेट मॉडल किसी को भी उनकी अंदरूनी कार्यप्रणाली में बदलाव करने की सुविधा देते हैं। इससे ये मॉडल बहुत शक्तिशाली तो बन जाते हैं, लेकिन अगर, इनका ठीक से परीक्षण न किया जाए तो ये काफी जोखिम भरे भी हो सकते हैं।
'अमेरिकंस फोर रिस्पॉन्सिबल इनोवेशन' नामक एक टेक पॉलिसी ग्रुप ने इस फैसले की आलोचना की है। उनका कहना है कि इस फ्रेमवर्क को सार्वजनिक किए बिना कुछ चुनिंदा कंपनियों के साथ बांटने से सरकार की निगरानी में एक गंभीर कमी आ गई है।
इससे यह सवाल खड़ा होता है कि सरकार एडवांस AI मॉडल्स की सुरक्षा और बचाव का मूल्यांकन कैसे करेगी। ग्रुप ने साफ शब्दों में कहा कि इससे निगरानी में एक बड़ा अंतर रह गया है।
दूसरी तरफ, कुछ सीनेटर चाहते हैं कि इन शक्तिशाली AI का परीक्षण अनिवार्य बनाने के लिए नए कानून बनाए जाएं। वे चेतावनी देते हैं कि अगर, ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिकी तकनीक चीन जैसे अपने प्रतिद्वंद्वियों से पीछे रह सकती है।