कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में कमाल दिखा रहा AI, सर्वे में हुआ खुलासा
अब कानून की दुनिया में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अपना कमाल दिखा रहा है। हाल ही में एक अध्ययन हुआ है। इसे स्टैनफोर्ड के 'लीगल इनोवेशन थ्रू फ्रंटियर टेक्नोलॉजी लैब' के डायरेक्टर डैनियल न्यार्को और लिफ्टलैब के एलेजांद्रो सालिनास ने मिलकर किया था। इस अध्ययन में 16 अलग-अलग लॉ स्कूलों के प्रोफेसरों को हजारों कॉन्ट्रैक्ट लॉ के जवाब दिखाए गए।
उन्हें यह नहीं बताया गया था कि ये जवाब AI ने लिखे हैं या किसी इंसान ने। नतीजे हैरान करने वाले थे। 75 फीसदी बार प्रोफेसरों ने AI से तैयार किए गए जवाबों को चुना, क्योंकि वे उन्हें ज्यादा साफ और उपयोगी लगे।
शोधकर्ता AI को मेंटर्स के साथ इस्तेमाल करने की सलाह
इस अध्ययन में यह सामने आया कि AI के सिर्फ 3.5 फीसदी जवाब ही छात्रों को गुमराह कर सकते थे या उनके लिए नुकसानदेह थे। दूसरी तरफ, इंसानों के लिखे जवाबों में छात्रों को भ्रमित करने की संभावना 3 गुना से भी ज्यादा पाई गई।
हालांकि, शोधकर्ताओं ने यह भी साफ किया कि AI क्लासरूम पर पूरी तरह कब्जा करने नहीं आया है। इसका सबसे अच्छा इस्तेमाल एक सहायक शिक्षण टूल के तौर पर किया जा सकता है, जो असल जिंदगी के मेंटर्स यानी गुरुओं के साथ मिलकर काम करे।