AI के लिए कंप्यूटिंग पावर बढ़ाने के लिए कंपनियों ने निकाले नए रास्ते
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इस समय सिलिकॉन वैली में कंप्यूटिंग पावर की भारी कमी है। कंपनियां हैरान करने वाले तरीकों से एक साथ आ रही हैं।
एंथ्रोपिक ने अपने AI प्रोजेक्ट्स को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्पेस-X के साथ एक समझौता किया है, ताकि उसे जरूरी कंप्यूटिंग क्षमता मिल सके।
इस सौदे की कीमत आने वाले सालों में 45 अरब डॉलर (करीब 4,200 अरब रुपये) तक हो सकती है, जिसका खुलासा बाद में हुआ। टेक दिग्गज कंपनियों से लेकर छोटे स्टार्टअप तक हर कोई इन संसाधनों को पाने की होड़ में लगा है। इसी वजह से पूरा उद्योग अपने कामकाज के तरीकों पर दोबारा सोचने को मजबूर हो गया है।
किए जा रहे लंबे समय के अनुबंध
डाटा सेंटर बनाना महंगा और मुश्किल होता जा रहा है। इस कारण कंपनियां अब रचनात्मक समाधान तलाश रही हैं। कुछ कंपनियां दुनियाभर में अपनी पहुंच बना रही हैं, वहीं कुछ लंबे समय के लिए अनुबंध कर रही हैं।
यहां तक कि निवेशक भी केवल स्टार्टअप्स के लिए कंप्यूटर क्लस्टर आरक्षित कर रहे हैं। इन सब का मकसद यही है कि उन्हें जरूरी कंप्यूटिंग पावर मिल सके, वह भी बिना ज्यादा पैसा खर्च किए और AI की तेज रफ्तार में पीछे छूटे बिना।