अदालती दस्तावेजों से पता चला कैसे एंथ्रोपिक और पेंटागन के बीच खत्म हुआ करार
इस सप्ताह सार्वजनिक किए गए अदालती दस्तावेजों से पता चला है कि अमेरिका की सबसे चर्चित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों में से एक एंथ्रोपिक का अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन से किस तरह का विवाद हुआ। वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा पहली बार रिपोर्ट किए गए और रक्षा विभाग के खिलाफ एंथ्रोपिक के चल रहे मुकदमे के हिस्से के रूप में जारी किए गए इन ईमेलों में एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डारियो अमोदेई और अनुसंधान एवं इंजीनियरिंग के लिए रक्षा उप सचिव एमिल माइकल के बीच महीनों तक चले संवाद का विवरण मिलता है। इसमें पता चला कैसे पेंटागन ने एंथ्रोपिक के साथ अपनी साझेदारी खत्म कर दी। फरवरी में यह फैसला आया, जब महीनों से दोनों के बीच इस बात पर बहस चल रही थी कि एंथ्रोपिक की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कैसे किया जाए।
अमोदेई चाहते थे कि उनके AI का इस्तेमाल पूरी तरह से ऑटोमैटिक हथियारों और देश के अंदर बड़े पैमाने पर निगरानी के लिए न हो।
दूसरी तरफ, पेंटागन चाहता था कि उसे इस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की ज्यादा छूट मिले। जब दोनों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया तो उनकी 20 करोड़ डॉलर (करीब 1,800 करोड़ रुपये) की यह साझेदारी खत्म हो गई। इसके बाद पेंटागन ने एंथ्रोपिक को 'सप्लाई-चेन रिस्क' घोषित कर दिया।
एंथ्रोपिक ने पेंटागन पर किया मुकदमा
एंथ्रोपिक ने पलटवार करते हुए पेंटागन पर मुकदमा दायर कर दिया। उनका आरोप है कि पेंटागन उन्हें उनकी सुरक्षा नीतियों पर टिके रहने के लिए सजा दे रहा है।
इस मामले पर खास ध्यान इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि पेंटागन के रिसर्च और इंजीनियरिंग विभाग के उप सचिव एमिल माइकल के वित्तीय संबंध xAI नाम की एक प्रतिद्वंद्वी कंपनी से होने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अभी कुछ सरकारी एजेंसियां एंथ्रोपिक के मिथोस 5 मॉडल का इस्तेमाल कर सकती हैं, जबकि कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है।