AI ने बढ़ाई स्मार्टफोन और लैपटॉप की कीमतें, त्योहारों पर भी नहीं मिलेगी बड़ी छूट
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल का असर अब आम ग्राहकों की जेब पर भी दिखाई देने लगा है। AI सर्वर के लिए खास मेमोरी चिप्स की मांग बढ़ने से स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट बनाने में इस्तेमाल होने वाले जरूरी कंपोनेंट महंगे हो रहे हैं। इसी वजह से कई कंपनियां अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ा चुकी हैं। आने वाले महीनों में नए गैजेट पहले के मुकाबले और महंगे मिल सकते हैं।
कीमतें
मेमोरी चिप की कमी से बढ़ीं डिवाइस की कीमतें
AI सर्वर में हाई-परफॉर्मेंस मेमोरी चिप्स का इस्तेमाल बढ़ने से कंपनियां उसी तरह की चिप्स का ज्यादा उत्पादन कर रही हैं। इससे सामान्य DRAM और NAND मेमोरी चिप्स की उपलब्धता कम हो गई है। भारत में इसका असर साफ दिख रहा है। 2026 के पहले पांच महीनों में स्मार्टफोन की औसत कीमत 7.9 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि कई लैपटॉप और टैबलेट मॉडल भी पहले से महंगे हो चुके हैं।
दबाव
बजट फोन खरीदारों पर सबसे ज्यादा दबाव
सबसे ज्यादा असर कम कीमत वाले स्मार्टफोन पर देखने को मिल रहा है। 10,000 रुपये से कम कीमत वाले फोन की औसत कीमत 17.6 प्रतिशत बढ़ चुकी है। 10,000 से 20,000 रुपये वाले मॉडल 13.9 प्रतिशत और 20,000 से 30,000 रुपये वाले फोन 5.6 प्रतिशत महंगे हुए हैं। कई कंपनियों का मानना है कि मेमोरी चिप्स की कमी अगले कुछ वर्षों तक बनी रह सकती है, जिससे कीमतों पर दबाव जारी रहेगा।
आशंका
लैपटॉप और टैबलेट भी हो सकते हैं और महंगे
सिर्फ स्मार्टफोन ही नहीं, बल्कि लैपटॉप और टैबलेट की कीमतों पर भी इसका असर पड़ रहा है। कई ब्रांड पहले ही कुछ मॉडल महंगे कर चुके हैं। टेकआर्क की रिपोर्ट के अनुसार प्रोसेसर, ग्राफिक्स चिप और मेमोरी की बढ़ती लागत के कारण इस साल कुछ लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतें 35 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं। ऐसे में नए डिवाइस खरीदना पहले की तुलना में ज्यादा महंगा साबित हो सकता है।
अन्य
फेस्टिव सीजन में कम मिल सकते हैं बड़े डिस्काउंट
हर साल त्योहारों पर मिलने वाले बड़े डिस्काउंट इस बार कम हो सकते हैं। कंपनियों की लागत बढ़ने से भारी कीमत कटौती करना आसान नहीं रहेगा। हालांकि, एक्सचेंज ऑफर, आसान EMI और फाइनेंसिंग योजनाएं जारी रह सकती हैं। अगर AI से जुड़ी मेमोरी चिप्स की मांग इसी तरह बढ़ती रही, तो आने वाले समय में स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट लंबे समय तक महंगे रह सकते हैं और फेस्टिव डील्स भी उम्मीद से कमजोर साबित हो सकती हैं।