कोर्ट ने परप्लेक्सिटी पर अमेजन के दावे को किया खारिज, जानिए क्या है मामला
अमेजन को एक बड़ी कानूनी लड़ाई में हार का सामना करना पड़ा है। यह लड़ाई उसने शॉपिंग टूल्स बनाने वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी परप्लेक्सिटी के खिलाफ लड़ी थी।
9वें अमेरिकी सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने अपने फैसले में कहा कि जब परप्लेक्सिटी के AI ने यूजर्स को अमेजन पर शॉपिंग करने में मदद की तो उसने कोई हैकिंग कानून नहीं तोड़ा।
इसी वजह से उस पर लगा अस्थायी बैन अब हटा दिया गया है। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह किसी संघीय अपील्स कोर्ट का पहला ऐसा फैसला है, जिसमें इस बात पर विचार किया गया है कि यूजर्स की तरफ से काम करने वाले AI एजेंट कानूनी रूप से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पहुंच सकते हैं या नहीं।
परप्लेक्सिटी ने अमेजन पर लगाया आरोप
कोर्ट ने यह साफ किया कि असल में अमेजन के ग्राहक ही परप्लेक्सिटी के टूल्स का इस्तेमाल कर रहे थे, खुद कंपनी नहीं। इसी वजह से यहां कोई हैकिंग नहीं हुई।
इस फैसले से भविष्य में दूसरे एजेंटिक AI के लिए रास्ते आसान हो सकते हैं। AI कंपनी ने अमेजन के मुकदमे का मकसद यूजर्स को कॉमेट का इस्तेमाल करने से रोकना बताया है।
कंपनी ने कहा कि AI एजेंट्स की आंखें नहीं होतीं, इसलिए वे अमेजन द्वारा यूजर्स पर की जाने वाली विज्ञापन बमबारी को नहीं देख सकते।
उसने आगे कहा, "परप्लेक्सिटी इंटरनेट यूजर्स के उस अधिकार के लिए लड़ना जारी रखेगी, ताकि वे अपनी पसंद का कोई भी AI चुन सकें।"
दूसरी तरफ, अमेजन ने कहा है कि वह अभी अपनी अगली रणनीति तय कर रही है। फिलहाल दोनों पक्ष अपनी कानूनी दलीलों पर कायम हैं।