टाटा के प्लांट से इसी वित्तीय वर्ष में शुरू होगा चिप निर्माण
असम के जागीरोड में टाटा का नया सेमीकंडक्टर प्लांट इसी वित्तीय वर्ष में उत्पादन शुरू करने जा रहा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने असम के मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद यह जानकारी दी।
यह प्रोजेक्ट भारत को आयातित चिप्स पर अपनी निर्भरता कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।
27,000 करोड रुपये की लागत से बन रहा TSAT प्लांट
27,000 करोड रुपये के निवेश से तैयार हुआ यह टाटा सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (TSAT) प्लांट हर दिन 4.8 करोड़ तक चिप्स बनाने की क्षमता रखेगा।
यह प्लांट कारों, इलेक्ट्रिक वाहनों, टेलिकॉम उपकरणों और गैजेट्स जैसे उत्पादों के लिए एडवांस तकनीक वाले चिप्स बनाएगा। इससे सीधे तौर पर करीब 15,000 लोगों को नौकरी मिलेगी, जबकि 11,000 से 13,000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय लोगों के लिए यह एक बडा मौका होगा।
NIELIT देगा सेमीकंडक्टर बनाने का प्रशिक्षण
इस क्षेत्र में सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास और संचालन को सुचारु बनाने के लिए राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) युवाओं को सेमीकंडक्टर निर्माण तकनीकों का प्रशिक्षण देगा। इस प्लांट का मकसद भारतीय और वैश्विक दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करना है, जिससे असम में आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।