AI के कारण नौकरियों पर संकट को लेकर सुंदर पिचई ने छात्रों को दिया संदेश
गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुंदर पिचई ने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से छात्र अपनी नौकरी की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को लेकर चिंतित हैं।
हार्ड फोर्क पॉडकास्ट पर उन्होंने AI से आ रहे इस बदलाव को अब तक का सबसे बड़ा और अभूतपूर्व बताया।
हालांकि, उन्होंने ग्रेजुएट्स को यह भी सलाह दी कि वे खुद को इस बदलाव के वाहक के रूप में देखें, जो समय के साथ खुद को ढालकर आगे बढ़ सकते हैं।
AI को लेकर छात्रों में बढ़ रहा विरोध
हाल के दिनों में छात्र AI के उनके भविष्य की नौकरियों पर पड़ने वाले असर को लेकर टेक कंपनियों के बड़े अधिकारियों से सवाल कर रहे हैं। यह ट्रेंड दीक्षांत समारोह के भाषणों में भी साफ देखा गया है।
कुछ लोग इसे 'बू स्ट्रेटेजी' का नाम दे रहे हैं। इसी बीच, प्यू स्टडी से पता चला है कि लगभग आधे अमेरिकी AI की बढ़ती भूमिका को लेकर उत्साहित होने के बजाय ज्यादा चिंतित हैं।
नए ग्रेजुएट्स के लिए जहां नौकरी का बाजार पहले से ही चुनौतीपूर्ण बना हुआ है और भर्ती में भी ज्यादा समय लग रहा है, वहीं एनवीडिया प्रमुख जेंसेन हुआंग जैसे दिग्गज कहते हैं कि AI में अभी भी बहुत संभावनाएं हैं, भले ही अभी हर कोई इस बात से सहमत न हो।