ऑस्ट्रेलिया में बच्चाें के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध बना मजाक
ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों को इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया से दूर रखने के लिए एक अहम कदम उठाया था, लेकिन लगता है कि यह नियम अभी तक ठीक से लागू नहीं हो पाया है। एक नए शोध से पता चला है कि कानून के मुताबिक भले ही इन प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स की उम्र जांचनी चाहिए, लेकिन शोधकर्ताओं ने जो 50 टेस्ट अकाउंट बनाए, उनमें से किसी से भी उम्र का कोई सबूत नहीं मांगा गया। इसका मतलब है कि किशोर अभी भी बड़ी आसानी से इन प्लेटफॉर्म्स पर अपनी प्रोफाइल बना सकते हैं।
बिना सत्यापन के लगा रहे उम्र का अंदाजा
ज्यादातर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स यूजर्स की उम्र की पहचान किसी ID या पुख्ता वेरिफिकेशन के जरिए नहीं कर रहे हैं। सिर्फ एक प्लेटफॉर्म, जिसका नाम 'किक' है, उसने ही उम्र का सबूत मांगा था।
सरकार की तरफ से भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनियों के बावजूद ज्यादातर कंपनियों ने अपने काम करने का तरीका नहीं बदला है।
मेटा का कहना है कि वे सभी नियमों का पालन कर रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो, जब तक लोग अपनी जन्मतिथि के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं, तब तक ऐसे प्रतिबंधों का कोई खास फायदा नहीं होगा।