ग्रोक-GPT के जवाबों में सामने आया राजनीतिक पक्षपात, चुनावों पर पड़ेगा असर
एक नए अध्ययन से यह सामने आया है कि सभी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम निष्पक्ष नहीं होते। असल में कुछ मॉडल साफ तौर पर एक खास राजनीतिक विचार से जुड़े होते हैं।
स्पेस-XAI के ग्रोक 4.7 ने 92 प्रतिशत मामलों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन किया, जबकि OpenAI के GPT-6.1 सोल ने 97 प्रतिशत बार डेमोक्रेट्स का पक्ष लिया।
लगभग 500 चुनावी मुकाबलं में ये दोनों AI मॉडल 10 प्रतिशत से भी कम मामलों में एक राय पर पहुंचे, जो बताता है कि उनकी सिफारिशें कितनी अलग-अलग हो सकती हैं।
AI मॉडल्स ने शुरुआत में जवाब देने से किया इनकार
अध्ययन में यह राजनीतिक प्राथमिकताएं API टेस्टिंग के दौरान सामने आईं, वहीं जब इन मॉडल्स के उपभोक्ता ऐप्स से सीधे सवाल पूछे गए तो उन्होंने शुरुआत में जवाब देने से मना कर दिया था।
ग्रोक अक्सर 'टर्निंग पॉइंट एक्शन' जैसी रूढ़िवादी वेबसाइट्स का लिंक देता है, जबकि GPT विकिपीडिया और AP जैसे स्रोतों को प्राथमिकता देता है।
उनके पसंदीदा विषयों में भी अंतर साफ दिखता है। GPT स्वास्थ्य सेवा और गर्भपात जैसे मुद्दों पर बात करता है, वहीं ग्रोक का ध्यान अप्रवासन (इमिग्रेशन) और अपराध पर ज्यादा रहता है।
शोधकर्ता तपन पारिख का कहना है कि AI मॉडल केवल निष्पक्ष उपकरण नहीं होते, वे अपने साथ एक खास मूल्य प्रणाली भी रखते हैं, जो हमारे फैसले लेने के तरीके को प्रभावित कर सकती है। यह इस बात पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि AI हमारी सोच और मतदान पर कितना असर डाल सकता है।