ऑटिज्म पीड़ित बच्चों का दिमाग चेहरों को कैसे देखता है? नए शोध में खुलासा
नेचर मेंटल हेल्थ में प्रकाशित एक नए अध्ययन से सामने आया है कि ऑटिज्म से ग्रस्त बच्चों के दिमाग की वह गतिविधि, जो चेहरे पहचानने से जुड़ी होती है और सामान्य विकास वाले बच्चों के मुकाबले कम विशिष्ट होती है।
लगभग 400 ऑटिज्म पीड़ित बच्चों के इलेक्ट्रोएन्सेफालोग्राम (EEG) स्कैन की जांच करके शोधकर्ताओं ने पाया कि यह फर्क बचपन में ही दिखने लगता है, जिससे पता चलता है कि ऑटिज्म पीड़ित बच्चे सामाजिक जानकारी को अलग ढंग से समझते हैं।
नतीजों से जांच हो सकेगी बेहतर
जहां सामान्य बच्चों का दिमाग बड़े होने के साथ चेहरों को पहचानने में और माहिर होता जाता है, वहीं ऑटिज्म पीड़ित बच्चों में यह तरीका देखने को नहीं मिलता।
इन नतीजों से भविष्य में ऑटिज्म की जांच करने के तरीकों और उन्हें दी जाने वाली मदद को बेहतर बनाया जा सकता है। इससे ऑटिज्म पीड़ित बच्चों के लिए सामाजिक परिस्थितियों को समझना और लोगों से बेहतर तरीके से जुड़ना ज्यादा आसान हो पाएगा।