AI चुपचाप बदल रहा आपके सोशल मीडिया पोस्ट, अध्ययन में खुलासा
ऑक्सफोर्ड और पॉट्सडैम के एक नए अध्ययन ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इसमें बताया गया है कि मेटा का लामा और गूगल का जेम्मा जैसे लोकप्रिय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स आपके सोशल मीडिया पोस्ट का मतलब चुपके से बदल सकते हैं, वो भी तब जब आप उनसे ऐसा करने के लिए कहते ही नहीं।
मान लीजिए आपने कोई ऐसा पोस्ट लिखा जो क्लाइमेट चेंज को नहीं मानता तो AI उसे ऐसे बदल सकता है कि वो #क्लाइमेटएक्शन का समर्थन करने लगे या फिर लिंग से जुड़ी पुरानी धारणाओं वाले पोस्ट को बदलकर लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया जा सकता है।
जनता की राय में 9.2 गुना बढ़ोतरी
ये छोटे बदलाव आगे चलकर एक बड़ी लहर पैदा कर सकते हैं, जिससे जनता की राय पर इसका असर AI के शुरुआती झुकाव से 9.2 गुना ज्यादा बढ़ सकता है।
इस अध्ययन में यह भी सामने आया कि एक्स का ग्रोक गर्भपात से जुड़े पोस्ट को एक खास दिशा में मोड़ देता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि प्लेटफॉर्म उस सवाल को किस तरह से सामने रखता है।
फिलहाल, यूरोपीय संघ (EU) के AI एक्ट जैसे नियम इन छिपे हुए झुकावों को पूरी तरह से नहीं पकड़ पाते। ऐसे में, लोग अनजाने में बदले हुए विचारों को फैला सकते हैं और बिना सोचे-समझे पूरे समाज की बड़ी चर्चाओं की दिशा बदल सकते हैं।