वैज्ञानिकों ने खोजा मूत्राशय कैंसर का पता लगाने वाला नया यूरिन टेस्ट
स्टैनफोर्ड के शोधकर्ताओं ने मूत्राशय कैंसर का पता लगाने के लिए एक नया यूरिन टेस्ट uRARE-seq बनाया है। यह टेस्ट DNA के बजाय RNA के कणों की जांच करके मूत्राशय कैंसर का पता लगाता है।
यह नॉन-इनवेसिव है और मौजूदा तरीकों के मुकाबले बीमारी का पता लगाना काफी आसान बना सकता है। इस खोज को 'नेचर मेडिसिन' नाम की मशहूर पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।
इम्यूनोथेरेपी प्रतिक्रिया का लगाता है अनुमान
683 नमूनों पर किए गए टेस्ट में uRARE-seq ने 95 फीसदी मूत्राशय कैंसर का पता लगाया और 90 फीसदी ऐसे मामलों में जहां कैंसर नहीं था, सही तरीके से उसकी पुष्टि की।
यह टेस्ट कैंसर के अलग-अलग ग्रेड की पहचान भी कर सकता है, इलाज की प्रगति पर भी नजर रख सकता है और यह भी बता सकता है कि किसी मरीज को इम्यूनोथेरेपी से कितना फायदा मिल सकता है।
इसकी वजह से शायद चीर-फाड़ वाले टेस्ट की जरूरत भी कम पड़ेगी। स्टैनफोर्ड में यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष और इस शोध के वरिष्ठ लेखक डॉ. जोसेफ लियाओ का कहना है कि यह मरीजों को और बेहतर, व्यक्तिगत इलाज देने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम साबित हो सकता है।