स्पेस-X का सबसे ताकतवर स्टारशिप पहली बार भरेगा ऑर्बिटल उड़ान
स्पेस-X का स्टारशिप रॉकेट सोमवार (28 सितंबर) को पहली बार ऑर्बिट में जाने के लिए उड़ान भरेगा। स्टारशिप को साउथ टेक्सास में कंपनी के स्टारबेस साइट से लॉन्च किया जाना है। इसके लिए 75 मिनट की एक विंडो है, जो सुबह 8:15 बजे EDT (भारतीय समयानुसार शाम 5:45 बजे) पर खुलेगी।
यह लॉन्च ऐतिहासिक होगा क्योंकि स्टारशिप अब तक बना सबसे बड़ा और सबसे ताकतवर रॉकेट भी है। पूरी तरह से असेंबल होने पर इसकी ऊंचाई 407 फीट होती है।
26 नए स्टारलिंक सैटेलाइट भेजे जाएंगे
स्टारशिप ने अप्रैल, 2023 में अपनी शुरुआत की थी और अब तक इसके 13 मिशन पूरे हो चुके हैं, जो सभी सब-ऑर्बिटल थे। हालांकि, सोमवार को यह स्थिति बदलने वाली है, जब यह विशाल यान 14वीं बार लॉन्च होगा और इस बार यह और भी आगे बढ़ेगी।
यह 26 नए स्टारलिंक वर्जन 3 सैटेलाइट को धरती की निचली कक्षा (लो अर्थ ऑर्बिट) में भेजेगा।
इस लॉन्च से एक बहुत बड़े सैटेलाइट नेटवर्क की नींव रखी जाएगी। इसका अपर स्टेज धरती के 6 चक्कर लगाएगा, जिसके बाद यह चिली के पास समुद्र में उतरेगा। यह पिछली उड़ानों से कहीं ज्यादा महत्वाकांक्षी है क्योंकि पहले की उड़ानें तो ऑर्बिटल तक भी नहीं गई थीं।
आर्टेमिस मिशन में इस्तेमाल की योजना
एलन मस्क की कंपनी की योजना है कि वह बूस्टर और शिप दोनों को लॉन्च साइट पर ही वापस लाए (रिकवर करे)। साथ ही, अंतरिक्ष में ईंधन भरने (रीफ्यूलिंग) का भी परीक्षण किया जाएगा।
ये कदम भविष्य के गहरे अंतरिक्ष मिशनों के लिए बेहद अहम हैं। ये अपग्रेड केवल स्पेस-X के लिए ही नहीं, बल्कि नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम के लिए भी बहुत मायने रखते हैं।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी का यह प्रोग्राम 2028 में इंसानों को चांद पर उतारने के लिए स्टारशिप का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।