ब्रह्मांड के अस्तित्व में एक भुला दिए गए कण की भूमिका, शोध में हुआ खुलासा
साउथैम्पटन यूनिवर्सिटी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के शोधकर्ताओं ने एक ऐसे काल्पनिक कण पर ध्यान दिलाया है, जिसे 'डिकपल्ड हेवी न्यूट्रिनो' कहा जाता है और जिस पर अब तक किसी का ध्यान नहीं गया था।
इस कण को पहले इसलिए किनारे कर दिया गया था क्योंकि यह इतना शांत था कि इस पर ध्यान देना मुश्किल था।
अब लग रहा है कि बिग बैंग के बाद जब सब कुछ खत्म नहीं हुआ, बल्कि पदार्थ और उससे बनी हर चीज बनी तो उसकी असली वजह यही कण हो सकता है।
छोड़ सकता है गुरुत्वाकर्षण तरंगों के निशान
शोधकर्ताओं की टीम मानती है कि इस हेवी न्यूट्रिनो की बहुत लंबी उम्र ने ब्रह्मांड में पदार्थ और एंटीमैटर के बीच का संतुलन बदल दिया होगा, जिससे पदार्थ की जीत हुई।
इस कण ने शुरुआती समय में ऊर्जा के फैलाव को भी प्रभावित किया होगा। संभव है कि इसने प्राचीन गुरुत्वाकर्षण तरंगों में अपने निशान छोड़े हों, जिससे वैज्ञानिकों को यह देखने का एक नया मौका मिल सकता है कि सब कुछ कैसे शुरू हुआ। यह शोध 'फिजिकल रिव्यू लेटर्स' नाम की पत्रिका में हाल ही में छपा है।