स्काईरूट एयरोस्पेस ने लॉन्च किया पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1, अंतरिक्ष में भारत की छलांग
स्काईरूट एयरोस्पेस का विक्रम-1 रॉकेट भारत का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट शनिवार (18 जुलाई) लॉन्च किया गया। यह रॉकेट, छोटे सैटेलाइट्स को धरती की निचली कक्षा (लो अर्थ ऑर्बिट) में पहुंचाएगा। 2020 में निजी कंपनियों को अंतरिक्ष क्षेत्र में काम करने की इजाजत मिलने के बाद से भारत के इस तेजी से बढ़ते सेक्टर के लिए यह एक अहम पड़ाव है।
स्टार्टअप्स दे रहे हैं अंतरिक्ष क्षेत्र को बढ़ावा
आज 400 से भी ज्यादा स्टार्टअप्स इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। मौजूदा अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का आकार 8.4 अरब डॉलर (करीब 800 अरब रुपये) है, जिसके 2033 तक 44 अरब डॉलर (करीब 4,100 अरब रुपये) तक पहुंचने का अनुमान है।
मानव मिशनों से लेकर गहरे अंतरिक्ष की खोज तक भारत स्पेस टेक पर लगातार ध्यान दे रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अब तक सैकड़ों सैटेलाइट्स लॉन्च कर चुका है और तमिलनाडु में एक नया स्पेसपोर्ट बना रहा है।
पिक्सेल और अग्निकुल कॉस्मॉस जैसे निजी कंपनियों के साथ मिलकर भारत वैश्विक अंतरिक्ष में एक बड़ी ताकत बनकर उभरने की उम्मीद कर रहा है।