स्काईरूट ने भारत के पहले निजी कक्षीय रॉकेट के लॉन्च की तरफ बढ़ाया एक और कदम
क्या है खबर?
भारत का पहला निजी तौर पर निर्मित कक्षीय रॉकेट अपने ऐतिहासिक मिशन के एक कदम और करीब पहुंच गया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट को श्रीहरिकोटा के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कंपनी को उम्मीद है कि वह इस साल जून में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसका प्रक्षेपण करेगी। यह मिशन छोटे उपग्रहों के प्रक्षेपण की बढ़ती मांग को पूरा करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
योजना
लॉन्च को लेकर क्या है योजना?
स्काईरूट एयरोस्पेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और सह-संस्थापक पवन कुमार चंदना ने बताया कि रॉकेट अगले सप्ताह श्रीहरिकोटा पहुंच जाएगा, जहां वे रॉकेट को असेंबल करना शुरू करेंगे और उम्मीद है कि इसे जून में लॉन्च किया जाएगा। चंदना ने बताया कि स्काईरूट रॉकेट के लॉन्च के लिए उपयुक्त समय निर्धारित करने हेतु भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ बातचीत कर रहा है।
बयान
मुख्यमंत्री ने बताया गौरव का क्षण
मुख्यमंत्री ने इसे तेलंगाना के लिए गौरव का क्षण और वैश्विक एयरोस्पेस दिग्गज के रूप में उभरने की राज्य की महत्वाकांक्षा में एक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि विक्रम-1 को पूरी तरह से हैदराबाद में डिजाइन और विकसित किया गया। बता दें कि 2022 में पहले की उपकक्षीय उड़ानों में अपनी सफलता साबित करने के बाद स्काईरूट अब विक्रम-1 राॅकेट के साथ वैश्विक प्रक्षेपण बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।