कुछ मिनट पहले रोकने पड़ी विक्रम-1 की लॉन्चिंग, बाद में फिर भरी उड़ान
भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 की लॉन्चिंग शनिवार (18 जुलाई) को सुबह 11:30 बजे होनी थी, लेकिन उड़ान भरने से कुछ ही मिनट पहले इसे रोक दिया गया।
कंपनी ने श्रीहरिकोटा में लॉन्च से ठीक 5 मिनट पहले 'नियोजित रोक' लगाने का फैसला किया। हालांकि, रॉकेट की ऑटोमैटिक जांचें पहले ही शुरू हो चुकी थीं। बताया जा रहा है कि यह व्यवधान नेविगेशन सिस्टम में कुछ खराबी की वजह से हुआ।
दोबारा हुआ सफलता से लॉन्च
इसके बाद दोपहर 12:05 बजे का नया लॉन्च समय तय किया गया है। इस बार रॉकेट लॉन्च में सफलता मिली और यह सफलतापूर्वक अपने गंतव्य पर रवाना हो गया।
यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष तकनीक के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि यह पहली बार है, जब भारत में किसी निजी कंपनी ने ऑर्बिटल श्रेणी का रॉकेट बनाया है।
डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर रखे गए विक्रम-1 रॉकेट में 3D प्रिंटेड इंजन और हल्की सामग्री जैसी कई खास विशेषताएं हैं।
इसका मुख्य लक्ष्य भारत की निजी कंपनियों को वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में एक मजबूत पहचान दिलाना है। इसकी पहली उड़ान इन सभी नई तकनीकों का परीक्षण करेगी और भविष्य में होने वाले रॉकेट लॉन्च के लिए एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगी।