भारत का पहला निजी रॉकेट विक्रम-1 अंतरिक्ष में देगा वैज्ञानिकों को श्रद्धांजलि
स्काईरूट एयरोस्पेस का विक्रम-I रॉकेट इस महीने के आखिर में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से उड़ान भरेगा। इस लॉन्च की एक खास बात यह है कि रॉकेट अपने साथ 18-कैरेट सोने से बनी छोटी-छोटी मूर्तियां ले जाएगा। ये मूर्तियां भारत के महान वैज्ञानिकों- सीवी रमन, विक्रम साराभाई और एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाई गई हैं।
मिशन तय करेगा कमर्शियल लॉन्च का भविष्य
श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ 'मिशन आगमन' का मकसद नई अंतरिक्ष तकनीक को परखना भी है। इसमें ग्रहा स्पेस का सोलारास S3 सैटेलाइट और कॉस्मोसर्व का रोबोटिक आर्म भी शामिल हैं।
इसके साथ ही, इसमें माइक्रो-स्कल्पचर्स और 'कॉस्मिक ब्लूम' नाम का एक आर्टिस्टिक पेलोड जैसी कुछ कलात्मक चीजें भी रखी गई हैं। ये चीजें संस्कृति और विज्ञान का सुंदर मेल दिखाती हैं। इस मिशन का मुख्य मकसद विक्रम-1 को भविष्य की कमर्शियल लॉन्च के लिए पूरी तरह तैयार साबित करना है।