चीन को टक्कर देने के लिए अमेरिकी स्टार्टअप तैयार कर रहे ओपन-वेट मॉडल
सिलिकॉन वैली के स्टार्टअप्स चीन के सस्ते और दमदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बराबरी करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
आर्की AI, रिफ्लेक्शन AI और पूलसाइड जैसे स्टार्टअप ओपन-वेट मॉडल तैयार कर रहे हैं। इन मॉडल्स को कोई भी डाउनलोड करके अपनी जरूरत के हिसाब से बदल सकता है और इस्तेमाल कर सकता है।
इनका मकसद AI को सभी के लिए सुलभ और पारदर्शी बनाना है। साथ ही, वे ऐसी टेक्नोलॉजी से दूर रहना चाहते हैं, जिससे भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने का खतरा हो।
33 दिन में पूरी की मॉडल की ट्रेनिंग
आर्की AI ने अपने ट्रिनिटी लार्ज मॉडल को सिर्फ 33 दिन में 2 करोड़ डॉलर (190 करोड़ रुपये) में ट्रेन करके बड़ी सुर्खियां बटोरी हैं। यह चीन के महंगे मॉडल्स की तुलना में काफी किफायती है।
स्टार्टअप का लक्ष्य है कि दुनियाभर के शोधकर्ता आसानी से अपने टूल्स तैयार कर सकें। हालांकि, एक तरफ कुछ निवेशक मानते हैं कि ओपन मॉडल OpenAI या एंथ्रोपिक जैसी बड़ी कंपनियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, वहीं एनवीडिया ने इस पहल को अपना जबरदस्त समर्थन दिया है। आर्की ने इसी जुलाई में अमेरिकी ऊर्जा विभाग के साथ वैज्ञानिक रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए हाथ मिलाया है।
कई चुनौतियों के बावजूद, मैकक्वेड का मानना है कि ओपन-वेट AI चीन से मुकाबला करने में मददगार साबित होगा और इससे एक मजबूत डेवलपर समुदाय भी तैयार होगा।