गूगल में जेमिनी के उपयोग पर लगे प्रतिबंध को हटवाने के लिए सह संस्थापक ने की लड़ी लड़ाई
गूगल के सह संस्थापक सर्गेई ब्रिन ने पिछले साल एक पॉडकास्ट में बताया कि वे तब चौंक गए, जब उन्होंने देखा कि कंपनी का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल जेमिनी कंपनी की अंदरूनी 'नो लिस्ट' में शामिल था।
यह वो सूची थी, जिसमें ऐसे कोडिंग टूल्स थे, जिनका इस्तेमाल इंजीनियर्स को नहीं करना था।
बाद में पता चला कि यह पाबंदी एक पुरानी पॉलिसी की वजह से थी, जिसे शायद ही कभी लागू किया जाता था। इसके बावजूद, ब्रिन को इस समस्या को सुलझाने के लिए सप्ताहों तक मशक्कत करनी पड़ी।
पिचई ने हटाई जेमिनी की पाबंदी
कई कोशिशों के बाद ब्रिन ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुंदर पिचई से संपर्क किया। पिचई ने इस मामले में दखल दिया और जेमिनी पर लगी रोक हटा दी, ताकि इंजीनियर्स फिर से कोडिंग के लिए इसका इस्तेमाल कर सकें। ब्रिन ने गूगल की उस बेहतरीन संस्कृति की भी तारीफ की, जहां जूनियर कर्मचारी भी बड़े फैसलों पर सवाल उठा सकते हैं।
वे इसे कंपनी की एक बड़ी ताकत मानते हैं। एक बार जब यह समस्या हल हो गई तो जेमिनी पर से पाबंदी हट गई और कर्मचारियों ने इसका इस्तेमाल शुरू कर दिया।