गूगल के सह संस्थापक ने AI को नहीं बताया नौकरियों के लिए खतरा
गूगल के सह संस्थापक सर्गेई ब्रिन चाहते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से नौकरी जाने की चिंता में लोग घबराएं नहीं।
गूगल डीपमाइंड बिल्ड डे में उन्होंने AI को एक 'ट्रेनिंग पार्टनर' बताया, जो इंसानों को हुनर और रचनात्मकता की नई ऊंचाइयों पर ले जाता है।
उन्होंने कहा, "कंप्यूटर किसी काम को चाहे जितना भी अच्छे से करें, इंसानों को उस काम में और भी बेहतर होने से नहीं रोक पाएंगे। असल में, इससे तो लोग उस काम में और निखर जाते हैं, उन्हें और पहचान मिलती है और वे उस काम का ज्यादा मजा लेते हैं।"
इंसान कायम रख पाएंगे अपनी खासियत
ब्रिन ने अल्फागो का उदाहरण दिया। यह वही AI है, जिसने मशहूर गो खिलाड़ियों को मात दी थी, लेकिन इसने इंसानी खिलाड़ियों को बेकार नहीं किया, बल्कि उन्हें इसकी चालें सीखने और खुद को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
ब्रिन मानते हैं कि यही पैटर्न दूसरे क्षेत्रों में भी देखने को मिलेगा। AI जहां नए-नए बदलाव लाएगा, वहीं इंसान अपनी उन खासियत को कायम रखेंगे, जो हमें सबसे अलग बनाती हैं।