CT स्कैन से खुला 100 साल पहले मिले जीवाश्म से डायनासोर की नई प्रजाति का राज
इंग्लैंड के आइल ऑफ वाइट में एक सदी से भी पहले मिले एक जीवाश्म के आधार पर वैज्ञानिकों ने आखिरकार डायनासोर की एक नई प्रजाति इनविक्टिबेलेट्रिक्स एम्बेरिना की पहचान कर ली है। यह डायनासोर टायरेनोसॉरस रेक्स का दूर का रिश्तेदार है।
इसकी खोज से शोधकर्ताओं को यह समझने में मदद मिल रही है कि ये प्राचीन वन्यजीव कैसे विकसित हुए और पूरी दुनिया में कैसे फैल गए।
1924 में मिला था जीवाश्म
यह जीवाश्म सबसे पहले 1924 में इकट्ठा किया गया था। तब से यह लंदन के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम में रखा था, जब तक कि आधुनिक तकनीक जैसे CT स्कैन से इसकी खोपड़ी की कुछ अनोखी विशेषताएं सामने नहीं आईं।
पता चला है कि इनविक्टिबेलेट्रिक्स एम्बेरिना दूसरे डायनासोरों के मुकाबले छोटा और तेज था। खास बात है कि यह यूरोप में अब तक मिला पहला मेगा रैप्टोरन है। इस खोज से वैज्ञानिकों की इस धारणा में बदलाव आया है कि ये डायनासोर कभी किन इलाकों में घूमते थे।