विदर्भ छोड़कर पंजाब की टीम में क्यों शामिल गए उमेश यादव? खुद बताई दिलचस्प वजह
क्या है खबर?
तेज गेंदबाज उमेश यादव ने पंजाब क्रिकेट टीम की ओर से रणजी ट्रॉफी 2026-27 में खेलते हुए कमाल का प्रदर्शन किया। उन्होंने असम की पहली पारी के दौरान 5 विकेट लिए। यह उनका पंजाब की ओर से पहला ही मैच है। अब उमेश का विदर्भ छोड़कर पंजाब से खेलने का कारण सामने आया है। दरअसल, उमेश को चोट के बाद विदर्भ के कोच की ओर से पर्याप्त समर्थन नहीं मिला, जिसके चलते उन्होंने पंजाब जाने का फैसला किया।
बयान
उमेश ने कोच पर लगाया गंभीर आरोप
उमेश ने कहा कि जब वह एड़ी की गंभीर चोट के बाद वापसी करने की कोशिश कर रहे थे तो उनके कोच से पर्याप्त समर्थन नहीं मिला।
उन्होंने टाइम्स नाउ से कहा, "जब मैं वापस आया तो मुझे वह समर्थन और बैकअप नहीं मिला जो मिलना चाहिए था। वहां तो उमेश को बाहर निकालने की सोच थी। विदर्भ के कोच बहुत खुश थे कि एक सीनियर खिलाड़ी बचा है। अगर वो निकल जाए तो मेरी बात हर जगह चलेगी।"
बयान
भारतीय टीम में वापसी की उम्मीदों पर क्या बोले उमेश?
उमेश ने कहा कि चयनकर्ताओं को खिलाड़ी के प्रदर्शन और फिटनेस के आधार पर परखना चाहिए। अगर चयनकर्ता ने कुछ तय कर लिया है, तो खिलाड़ी को बता देना चाहिए।
उन्होंने कहा, "मैं नहीं मानता कि कभी बहुत देर होती है। अगर चयनकर्ता ये मानते हैं कि 37-38 साल का खिलाड़ी अब गेंदबाजी नहीं कर सकता, तो उसे स्पष्ट कर देना चाहिए कि भाई अब तुमसे नहीं हो पाएगा। उसे झूठी उम्मीद में नहीं रखना चाहिए।"
प्रदर्शन
असम की पहली पारी में उमेश ने लिए 5 विकेट
उमेश ने असम के सलामी बल्लेबाज ऋषव दास को शून्य पर आउट कर विकेटों का खाता खोला।
इसके बाद उन्होंने 12वें ओवर की तीसरी गेंद पर राजवीर सिंह को पवेलियन भेजा।
पहले दिन 2 विकेट लेने वाले उमेश ने दूसरे दिन पहले 2 सत्रों में 3 और बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया।
इस तेज गेंदबाज ने 24 ओवर गेंदबाजी की और 7 मेडन के साथ 70 रन देकर 5 विकेट लिए। उनकी इकॉनमी 2.90 की रही।
करियर
2023 में आखिरी बार भारत से खेले थे उमेश
उमेश ने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में 57 मैच खेले हैं और इसकी 112 पारियों में 30.95 की औसत से 170 विकेट लिए हैं।
वह भारत की ओर से आखिरी बार जून 2023 में टेस्ट खेलते हुए नजर आए थे।
भारत की ओर से 75 वनडे मैचों में उन्होंने 33.63 की औसत से 106 विकेट चटकाए हैं। उन्होंने भारत की ओर से 9 टी-20 अंतरराष्ट्रीय में 12 सफलताएं हासिल की है।