वैज्ञानिकों के बनाए नैनोपार्टिकल्स से ग्लियोब्लास्टोमा के मरीजों को मिलेगा फायदा
वैज्ञानिकों ने एक खास तरह के नैनोपार्टिकल बनाए हैं, जिनसे ग्लियोब्लास्टोमा से जूझ रहे लोगों को बहुत फायदा मिल सकता है। ग्लियोब्लास्टोमा दिमाग का सबसे खतरनाक और जानलेवा कैंसर माना जाता है।
इस कैंसर का इलाज करना इसलिए मुश्किल होता है क्योंकि यह दिमाग के स्वस्थ हिस्सों में भी फैल जाता है। इस वजह से ज्यादातर इलाज या दवाएं कैंसर वाली जगह तक पहुंच ही नहीं पातीं और मरीजों के पास बहुत कम विकल्प बचते हैं।
नैनोपार्टिकल ट्यूमर को देते हैं ऑक्सीजन
सिडनी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, हार्वर्ड और हेनान यूनिवर्सिटी की टीमों ने मिलकर इन नैनोपार्टिकल को तैयार किया है। ये बेहद पतले नैनोपार्टिकल एक साथ 2 बड़े काम करते हैं।
सर्जरी के दौरान ये कैंसर वाली कोशिकाओं से चिपक जाते हैं और उन्हें चमका देते हैं। इससे सर्जन छोटी से छोटी कैंसर कोशिकाओं के समूह को भी आसानी से देख पाते हैं।
सर्जरी के बाद इन्हीं अणुओं को नियर-इन्फ्रारेड लाइट से सक्रिय किया जाता है, जिससे ये गर्म हो जाते हैं और शीट पर मौजूद प्लेटिनम परमाणु को चालू कर देते हैं। ये परमाणु ट्यूमर के अपने ही हाइड्रोजन परॉक्साइड को शुद्ध ऑक्सीजन में बदल देते हैं। चूहों पर किए गए टेस्ट में देखा गया कि इस तरीके से उनकी जिंदगी केवल सर्जरी के मुकाबले काफी बढ़ गई। हालांकि, इंसानों पर इसका इस्तेमाल करने से पहले अभी और जरूरत की रिसर्च है।