ग्लेशियर पिघलने से 50 साल में 4-मीटर बढ़ जाएगा समुद्र का जलस्तर, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी
वैज्ञानिकों ने चेताया है कि पश्चिमी अंटार्कटिक बर्फ की चादर अगले 30 से 50 सालों में एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच सकती है, जिससे समुद्र का स्तर 4-मीटर तक बढ़ जाएगा।
'कम्युनिकेशन्स अर्थ एंड एनवायरनमेंट' नामक पत्रिका में छपे एक नए अध्ययन के मुताबिक, हम इस क्लाइमेट टिपिंग पॉइंट्स (जलवायु में खतरनाक मोड़ लाने वाले बदलाव) के इतना करीब आ चुके हैं, जितनी उम्मीद पहले किसी को नहीं थी।
इस कारण तेजी से पिघल रही ग्लेशियर से बर्फ
'डूम्सडे ग्लेशियर' के नाम से जाना जाने वाला थ्वाइट्स ग्लेशियर और पाइन आईलैंड ग्लेशियर दोनों से ही बर्फ बहुत तेजी से पिघल रही है।
इसकी मुख्य वजह गर्म समुद्री धाराएं हैं, जो इन ग्लेशियरों तक पहुंच रही हैं। अगर, बर्फ पिघलने का यह सिलसिला जारी रहा तो इसे रोकना मुश्किल हो जाएगा और सदियों तक समुद्र का जलस्तर बढ़ता रहेगा। इससे दुनियाभर के तटीय इलाकों और शहरों पर बड़ा खतरा आ जाएगा।
बाद में सुधार के प्रयासों का भी नहीं होगा फायदा
शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि भले ही भविष्य में वैश्विक तापमान को नियंत्रित कर लिया जाए, लेकिन तब तक, जो नुकसान हो चुका होगा वह हमेशा के लिए स्थायी हो सकता है।
उनका संदेश बिल्कुल साफ है कि हमें अभी तुरंत कदम उठाने होंगे, वरना जलवायु में होने वाले ये बदलाव ऐसे हो जाएंगे, जिन्हें पलटा नहीं जा सकेगा।