SAS कंपनी AI के साथ RTO को बनाएगी डिजिटल और स्मार्ट
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र साथ मिलकर ई-ट्रांसपोर्ट मिशन मोड प्रोजेक्ट चला रहा है। इसका मकसद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTOs) को ज्यादा डिजिटल और स्मार्ट बनाना है।
इसके लिए अब एनालिटिक्स की बड़ी कंपनी SAS भी इस मिशन में शामिल हो गई है। SAS आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड डाटा टूल्स का इस्तेमाल कर देशभर में परिवहन से जुड़े कामों को और भी सुचारू बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
वाहन एनालिटिक्स को बनाया बेहतर
SAS कंपनी वाहन पोर्टल में गलतियों को तुरंत पहचानने, अव्यवस्थित डाटा को ठीक करने और अधिकारियों को सटीक जानकारी उपलब्ध कराने का काम करेगी। इससे वे तेजी से और सही फैसले ले पाएंगे।
कंपनी नए व्हीकल रजिस्ट्रेशन और लाइफसाइकिल एनालिटिक्स के साथ-साथ एनफोर्समेंट एनालिटिक्स भी लागू करेगी। इन एनालिटिक्स की मदद से समस्याग्रस्त क्षेत्रों की पहचान करना, जोखिमों को प्रभावी ढंग से संभालना और सभी नागरिकों को बेहतर परिवहन सेवाएं मुहैया कराना ज्यादा आसान हो जाएगा।
SAS इंडिया की उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक नोशिन कागालावाला ने कहा कि यह साझेदारी आंकड़ों पर आधारित नीतियां बनाने और नागरिकों के लिए परिवहन सेवाओं को और भी सरल बनाने के लिए अहम है।