टावस का नया ग्रिफिन AI वीडियो कॉल को बना रहा बिल्कुल असली
सैन फ्रांसिस्को की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी टावस का नया AI ग्रिफिन वीडियो कॉल की दुनिया में एक खास बदलाव ला रहा है।
ग्रिफिन बातचीत के दौरान चेहरे के हावभाव और बीच में आने वाले ठहराव को पहचान लेता है। इससे वीडियो कॉल पर हो रही बात एकदम सहज और स्वाभाविक लगती है।
टावस ने जो टेस्ट किया, उसमें 54 लोगों में से लगभग आधे लोगों को एक मिनट की कॉल में लगा कि वे किसी असली इंसान से बात कर रहे थे, जबकि हकीकत में वे ग्रिफिन-लाइट (हल्के वर्जन) से बात कर रहे थे।
तस्वीर देखकर बना लेता है असली हाव-भाव
ग्रिफिन की तकनीक की मदद से यह केवल एक तस्वीर को देखकर असली जैसे हाव-भाव और बॉडी लैंग्वेज बना लेता है, जिससे इसकी प्रतिक्रिया बिल्कुल किसी इंसान जैसी लगती है।
स्वतंत्र जांच में भी पता चला है कि यह इतना स्वाभाविक जवाब देता है कि इसे किसी इंसान की बातचीत से अलग पहचानना मुश्किल हो जाता है।
अभी ग्रिफिन-लाइट का एक रिसर्च प्रीव्यू ही उपलब्ध है। इसे केवल कुछ शुरुआती टेस्टर्स को दिया गया है। टावस की योजना है कि बाद में इसका एक और भी ताकतवर वर्जन जारी किया जाएगा।
इससे भविष्य में वीडियो कॉल काफी दिलचस्प हो सकती हैं, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठता है कि क्या हम किसी इंसान से बात कर रहे हैं या किसी AI से यह कैसे पता चलेगा?