सैम ऑल्टमैन ने बताया AI का भविष्य, बिजली-पानी की तरह भुगतान कर सभी लोग करेंगे इस्तेमाल
क्या है खबर?
OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन का मानना है कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का सामान्य हिस्सा बन जाएगी। वाशिंगटन में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि भविष्य में AI बिजली या पानी की तरह एक सामान्य सेवा बन सकती है। यानी लोग इसे खास तकनीक नहीं मानेंगे, बल्कि जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल करेंगे और जितना उपयोग करेंगे उसी हिसाब से इसके लिए भुगतान करेंगे।
इस्तेमाल
बिजली की तरह इस्तेमाल हो सकती है AI
ऑल्टमैन के अनुसार, भविष्य में AI सेवाएं मीटर के हिसाब से इस्तेमाल की जा सकती हैं। जैसे लोग बिजली या पानी का बिल उपयोग के आधार पर देते हैं, वैसे ही AI का भी भुगतान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोग किसी तय कीमत के बजाय उतनी ही कंप्यूटिंग पावर और प्रोसेसिंग क्षमता के लिए पैसा देंगे जितनी उन्हें जरूरत होगी। इससे AI का इस्तेमाल ज्यादा आसान, सस्ता और आम लोगों के लिए ज्यादा सामान्य हो सकता है।
बदलाव
काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव
ऑल्टमैन ने कहा कि AI पहले ही कई क्षेत्रों में काम करने के तरीके को तेजी से बदल रहा है। उदाहरण के लिए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में AI अब ऐसे कोड लिख सकता है, जिनमें इंजीनियरों को कई घंटे लगते थे। इसके अलावा, रिसर्च, साइंस, डाटा एनालिसिस और दूसरे ज्ञान से जुड़े कामों में भी AI तेजी से मदद कर रहा है। कई कंपनियों में कर्मचारी अब खुद काम करने के बजाय AI को निर्देश देने में समय दे रहे हैं।
जरूरत
AI के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत
ऑल्टमैन ने यह भी बताया कि इस तरह की AI सेवाओं के लिए बड़े डाटा सेंटर और बहुत ज्यादा बिजली की जरूरत होती है। इसलिए कई कंपनियां कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही हैं। OpenAI, अमेजन, एनविडिया और सॉफ्टबैंक जैसी कंपनियां इस दिशा में काम कर रही हैं। उनका लक्ष्य है कि AI केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित न रहे, बल्कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक आसानी से पहुंच सके।