सैली रोबोट स्कूल में बच्चों को सिखाएगा कोडिंग और भविष्य की तकनीक
सालामंका सिटी सेंट्रल स्कूल डिस्ट्रिक्ट इस साल एक खास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रोबोट 'सैली' को अपने स्कूलों में ला रहा है।
इसका मकसद हाई स्कूल के जूनियर और सीनियर छात्रों को कोडिंग, रोबोटिक्स और AI सिखाना है। रियलबोटिक्स कंपनी ने इसे बनाया है और यह स्टीव वोजनियाक के 'वोज एड' STEAM पाठ्यक्रम का हिस्सा है। सैली की मदद से ये तकनीकी कक्षाएं अब और भी ज्यादा परस्पर संवादात्मक और व्यावहारिक बनेंगी।
सैली ऑफलाइन करता है काम
सैली दिखने में काफी इंसानों जैसी है। इसकी सिलिकॉन की त्वचा है, हिलने-डुलने वाले हाथ हैं और एक स्थानीय लहजा भी है, लेकिन इसके पैर स्थिर होने की वजह से यह एक ही जगह टिकी रहती है।
57,600 डॉलर (करीब 55 लाख रुपये) की यह रोबोट डिस्ट्रिक्ट के लिए एक बड़ा निवेश है। स्कूल प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि कक्षा में टीचर ही मुख्य भूमिका में रहेंगे, जबकि सैली छात्रों की भागीदारी बढ़ाएगी और उनकी गंभीर सोच को विकसित करेगी।
खास बात यह भी है कि इसका AI ऑफलाइन काम करता है, जिससे छात्रों का निजी डाटा हमेशा सुरक्षित रहेगा। अधीक्षक मार्क बीहलर ने इसे अगला बड़ा कदम बताया है क्योंकि स्कूल अब नई तकनीकों को अपना रहे हैं।