AI से बहुत तेज हो गए साइबर हमले, लेकिन बचाव के उपाय रह गए पीछे
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित साइबर हमले अब इतनी तेजी से फैलने लगे हैं कि इंसान उन पर प्रतिक्रिया भी नहीं कर पाता। रूब्रिक के मुख्य समाधान अधिकारी आलोक अग्रवाल ने बताया कि साइबर हमलावर अब किसी नेटवर्क में घुसने के बाद बाकी सिस्टम तक केवल 39 सेकेंड में पहुंच जाते हैं।
एंथ्रोपिक के क्लाउड मिथोस जैसे एडवांस्ड AI टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल से विशेषज्ञ मान रहे हैं कि साइबर हमले अब और आम हो जाएंगे और इन्हें रोकना भी पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल होगा।
सुरक्षा के लिए पेश किया प्रोजेक्ट ऑवरग्लास
इस बड़े खतरे का सामना करने के लिए रूब्रिक ने प्रोजेक्ट ऑवरग्लास को पेश किया है। क्लाउड मिथोस 5 की मदद से काम करने वाला कोड गार्जियन, कोड की कमजोरियों को स्कैन करता है। यह तुरंत समस्याओं की पहचान करके टीम को बताता है, ताकि वे तेजी से कार्रवाई कर सकें।
अभी कोड गार्जियन प्राइवेट प्रीव्यू में है, लेकिन यह साफ तौर पर बताता है कि स्मार्ट हमलों से निपटने के लिए कंपनियों को नए तरीकों की जरूरत है। इसके लिए उन्हें कॉग्निजेंट और डेलॉइट जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी भी करनी पड़ेगी।